नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के नए मुख्यालय भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने बुधवार को निर्माणाधीन भवन का ऑन-साइट निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने और बचे हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए. CRPF का यह नया मुख्यालय अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इसके तैयार होने के बाद दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से संचालित होने वाली बल की कई महत्वपूर्ण शाखाओं को एक ही परिसर में लाने में मदद मिलेगी. इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने में सुविधा होगी, बल्कि कमांड और संचालन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
CBI मुख्यालय के बगल में बन रहा नया भवन
CRPF का नया मुख्यालय लोधी रोड स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में CBI मुख्यालय के ठीक बगल में बनाया जा रहा है. इस महत्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास 29 दिसंबर 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था. परियोजना को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी CPWD द्वारा तैयार किया जा रहा है. नए भवन का निर्माण करीब 2.23 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है. प्रस्तावित इमारत ग्राउंड प्लस 11 मंजिल की होगी, जबकि इसमें तीन बेसमेंट भी बनाए जा रहे हैं. यानी भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सीमित जमीन में CRPF के मुख्यालय की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
मौजूदा मुख्यालय में जगह की कमी
CRPF का मौजूदा मुख्यालय भी CGO कॉम्प्लेक्स में ही स्थित है. वर्तमान में बल का मुख्यालय ब्लॉक नंबर-1 में संचालित होता है लेकिन बढ़ती जिम्मेदारियों और बल की विभिन्न शाखाओं के विस्तार के चलते मौजूदा भवन में जगह की कमी लंबे समय से एक चुनौती रही है. CRPF देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है और आंतरिक सुरक्षा से लेकर नक्सल विरोधी अभियानों, आतंकवाद विरोधी अभियानों, दंगा नियंत्रण, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और चुनाव ड्यूटी तक उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. बल की कई विशिष्ट शाखाएं और इकाइयां दिल्ली में अलग-अलग स्थानों से काम करती हैं. इनमें RAF, CoBRA, ट्रेनिंग, मेडिकल, वर्क्स, रिक्रूटमेंट और कम्युनिकेशन जैसी महत्वपूर्ण शाखाएं शामिल हैं. अलग-अलग स्थानों पर कार्यालय होने की वजह से प्रशासनिक समन्वय और अधिकारियों के बीच आवाजाही की अतिरिक्त जरूरत पड़ती है. नया मुख्यालय इस स्थिति को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
एक ही छत के नीचे आएंगी कई शाखाएं
नए मुख्यालय भवन के तैयार होने के बाद CRPF की विभिन्न शाखाओं को एक ही परिसर में समेकित करने में मदद मिलेगी. इससे बल के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विंग के बीच बेहतर समन्वय की व्यवस्था विकसित की जा सकेगी. CRPF की कार्यप्रणाली में कमांड, ऑपरेशनल प्लानिंग, प्रशासन, प्रशिक्षण, भर्ती, संचार और लॉजिस्टिक्स जैसी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण स्थान है. इनसे जुड़े अधिकारियों और शाखाओं का एक ही मुख्यालय परिसर में होना निर्णय लेने और सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित कर सकता है. खास तौर पर देश में आंतरिक सुरक्षा की बदलती चुनौतियों को देखते हुए CRPF के लिए आधुनिक कमांड और प्रशासनिक ढांचे की जरूरत लगातार बढ़ रही है.
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा भवन
नए CRPF मुख्यालय भवन को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यालयों के अलावा ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, बैरक, कैंटीन, जिम और गेस्ट रूम जैसी सुविधाएं भी होंगी. इसके अलावा पार्किंग की भी बड़ी व्यवस्था की जा रही है. भवन में करीब 520 कार और 15 बसों की पार्किंग की सुविधा प्रस्तावित है. तीन बेसमेंट बनाए जाने का एक प्रमुख उद्देश्य पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना भी है. आधुनिक सुविधाओं वाला यह भवन CRPF के प्रशासनिक ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की कोशिश का हिस्सा है.
277 से 280 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 277 से 280 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इसका निर्माण CPWD की देखरेख में कराया जा रहा है. परियोजना को मूल रूप से मार्च 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसकी समयसीमा आगे बढ़ती गई. निर्माण कार्य अभी भी जारी है. ऐसे में CRPF नेतृत्व की ओर से लगातार इसकी प्रगति की समीक्षा की जा रही है. अगस्त 2026 में भी CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की थी. अब सितंबर में उन्होंने एक बार फिर निर्माण स्थल पर पहुंचकर भवन की स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता और काम की गति पर विशेष जोर दिया गया.
DG CRPF ने दिए समयबद्धता के निर्देश
बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान DG CRPF जीपी सिंह ने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ शेष कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया. मुख्यालय जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में निर्माण की गुणवत्ता के साथ सुरक्षा मानकों और भविष्य की आवश्यकताओं का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है. ऐसे में भवन के निर्माण और विभिन्न सुविधाओं को अंतिम रूप देने के दौरान इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
CRPF के लिए क्यों महत्वपूर्ण है नया मुख्यालय?
CRPF को देश के सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा बलों में गिना जाता है. जम्मू-कश्मीर से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और देश के विभिन्न हिस्सों में कानून-व्यवस्था की चुनौती के दौरान CRPF की तैनाती होती है. इसके अलावा चुनाव, वीआईपी सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और बड़े आयोजनों के दौरान भी बल की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में बल के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे के लिए आधुनिक और पर्याप्त क्षमता वाला मुख्यालय महत्वपूर्ण हो जाता है. नया मुख्यालय केवल एक नया कार्यालय परिसर नहीं होगा, बल्कि CRPF की विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर संस्थागत समन्वय के लिए एक केंद्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा. एक ही परिसर में अधिक शाखाओं के आने से बैठकों, कमांड स्तर के समन्वय, प्रशासनिक निर्णय और विभिन्न विंग के बीच संपर्क को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है.
कुछ ही महीनों में पूरा होने की उम्मीद
निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए CRPF नेतृत्व परियोजना को अब और लंबा खिंचने से रोकना चाहता है. DG की ओर से साइट पर पहुंचकर लगातार प्रगति की समीक्षा किए जाने से यह संकेत मिलता है कि परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर है. नया भवन तैयार होने के बाद CRPF के दिल्ली स्थित अलग-अलग कार्यालयों और शाखाओं को एक जगह लाने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. इससे मौजूदा मुख्यालय में जगह की समस्या को कम करने के साथ-साथ बल की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने में मदद मिलेगी. कुल मिलाकर, करीब 2.23 एकड़ में तैयार हो रहा यह ग्राउंड प्लस 11 मंजिला मुख्यालय CRPF के लिए बुनियादी ढांचे के स्तर पर एक बड़ा बदलाव होगा. ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, बैरक, कैंटीन, जिम, गेस्ट रूम और बड़े पार्किंग क्षेत्र जैसी सुविधाओं से लैस यह भवन आने वाले वर्षों में बल की बढ़ती प्रशासनिक और संचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.