UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से लगने वाले नए MDR चार्ज को लेकर सरकार ने विदेशी दबाव के आरोपों को खारिज किया है. विपक्ष ने आरोप लगाया था कि UPI पर फीस लगाने का फैसला अमेरिका और वहां की कार्ड कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है. वित्त मंत्रालय ने बुधवार को साफ कहा कि UPI से जुड़े फैसले भारत अपने स्तर पर लेता है. सरकार का लक्ष्य देश में ऐसा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनाना है, जो लंबे समय तक चल सके और आम लोगों के लिए सस्ता रहे.
15 अक्टूबर से 2 हजार से ज्यादा UPI पेमेंट पर MDR
नए नियम के मुताबिक 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा. हालांकि, यह पैसा ग्राहक से नहीं लिया जाएगा. यह उस दुकानदार या कारोबारी की तरफ से दिया जाएगा, जिसे पेमेंट मिल रहा है. मान लीजिए, अगर किसी दुकान पर ग्राहक ने UPI से 10 हजार रुपए का पेमेंट किया, तो दुकानदार को 40 रुपए MDR देना होगा. इस चार्ज की अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है.
ग्राहक के लिए UPI पेमेंट रहेगा फ्री
सरकार ने कहा है कि आम ग्राहक के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह बिना चार्ज के जारी रहेगा. किसी दोस्त या रिश्तेदार को पैसे भेजना, दुकान पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना या UPI से भुगतान करना फ्री रहेगा. वित्त मंत्रालय ने बैंकों को यह भी सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि दुकानदार MDR का खर्च ग्राहक पर न डालें.
UPI MDR को टैक्स नहीं बताया
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि MDR कोई टैक्स नहीं है. यह पैसा सरकार या NPCI के पास सीधे जमा नहीं होगा. यह पेमेंट सिस्टम से जुड़े अलग-अलग हिस्सेदारों, जैसे बैंक और पेमेंट ऐप कंपनियों के बीच बांटा जाएगा. अब तक UPI सिस्टम को चलाने और बढ़ाने का खर्च सरकार, बैंक और पेमेंट कंपनियां काफी हद तक उठाती रही हैं. नए MDR से इस खर्च का कुछ हिस्सा पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
MDR लगाने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए
UPI पर MDR लगाने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नए UPI चार्ज को वापस लेने की मांग की. राहुल गांधी ने इसे UPI Tax बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार के इस फैसले का असर देश के आम लोगों पर पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नई व्यवस्था से अमेरिका को भी बड़ी रकम मिलने का रास्ता बनेगा. कांग्रेस का यह भी कहना है कि अगर दुकानदार MDR का खर्च ग्राहकों पर डालते हैं, तो इससे सामान और सेवाओं की कीमत बढ़ सकती है.
95% से ज्यादा छोटे UPI पेमेंट पर असर नहीं
दूसरी तरफ सरकार ने बताया कि 95% से ज्यादा UPI मर्चेंट पेमेंट 2 हजार रुपए से कम के होते हैं. ऐसे में नए MDR नियम का असर ज्यादातर छोटे पेमेंट पर नहीं पड़ेगा. सरकार का कहना है कि UPI को ग्राहकों के लिए मुफ्त और सुलभ बनाए रखना उसकी नीति का हिस्सा है.
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