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अब चुनाव में नहीं होगी शराब की तस्करी, नोएडा पुलिस ने तैयार किया स्पेशल प्लान

नोएडा के कमिश्नर आलोक सिंह ने कहा कि चुनाव के वक्त होने वाली घटनाओं में अवैध वाहन और अवैध हथियारों का इस्तेमाल जोर शोर से किया जाता है. कई घटनाओं के बारे में अगर समय रहते सूचना मिल जाए तो उसे रोकना भी आसान हो जाता है. ऐसे में सभी पड़ोसी राज्य और जनपद की पुलिस से अपने अपने खुफिया विभाग को और अलर्ट रहने की सलाह दी गई है.

नोएडा पुलिस का स्पेशल प्लान
मनीष चौरसिया
  • नई दिल्ली,
  • 23 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:26 PM IST
  • पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारी करनी शुरू कर दी है
  • हिस्ट्रीशीटर पर रखी जाएगी नजर
  • वाहन और हथियार की तस्करी करने वाले भी निशाने पर

यूपी में चुनाव नजदीक हैं ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारी करनी शुरू कर दी है. नोएडा पुलिस ने भी खास प्लान तैयार किया है, इस प्लान में दो बातों का खास ख्याल रखा गया. पहला, नोएडा पुलिस इस बात पर विशेष ध्यान दे रही है कि नोएडा से लगे दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी नोएडा या फिर पश्चिमी यूपी में ना हो. साथ ही अवैध वाहन का इस्तेमाल भी रोका जाए. नोएडा पुलिस ने इन सभी चीजों को देखते हुए गुरुवार को सीमावर्ती राज्यों और जनपदों के साथ कोआर्डिनेशन मीटिंग की है.

दिल्ली-हरियाणा-हापुड़-बुलंदशहर और गाजियाबाद के पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक

विधानसभा चुनाव को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर से सटे राज्य दिल्ली, फरीदाबाद (हरियाणा), हापुड़, बुलंदशहर और गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ गौतमबुद्ध नगर कमिश्नर आलोक सिंह ने मीटिंग की. मीटिंग में यह तय हुआ कि सभी राज्य और जनपद के अधिकारी एक कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जायेंगे, इस पर क्रिमिनल या किसी क्रिमिनल एक्टिविटी के बारे में तुरंत सूचना का आदान प्रदान हो सकेगा. मीटिंग में यह भी तय किया गया कि सभी राज्य और जनपद की पुलिस आपस में एक दूसरे से हिस्ट्रीशीटर या माफियाओं का डाटा शेयर करेगी. 

हिस्ट्रीशीटर पर रखी जाए नजर

मीटिंग में  इस बात पर भी चर्चा की गई कि चुनाव के वक्त अराजक तत्व जातीय हिंसा की कोशिश भी करते हैं, ऐसे में सभी राज्य के अधिकारियों से कहा गया कि उनके इलाके में जो भी लोग बलवा या हिंसा करने में शामिल रहे हैं उन पर नजर रखी जाए और उन्हें भारी मुचलके में पाबंद करने की भी कोशिश की जाए.

ऐसे लोगों पर विशेष कार्यवाही करने के लिए कहा गया है, जो बॉर्डर से सटे इलाकों में अवैध शराब की बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन में शामिल रहे हैं. इस मीटिंग में यह भी तय किया गया है कि सभी अपने-अपने इलाकों में देशी या विदेशी शराब की बड़ी खरीदारी करने वाले लोगों पर भी नजर रखेंगे. 

वाहन और हथियार की तस्करी करने वाले भी निशाने पर

नोएडा के कमिश्नर आलोक सिंह ने कहा कि चुनाव के वक्त होने वाली घटनाओं में अवैध वाहन और अवैध हथियारों का इस्तेमाल जोर शोर से किया जाता है. कई घटनाओं के बारे में अगर समय रहते सूचना मिल जाए तो उसे रोकना भी आसान हो जाता है. ऐसे में सभी पड़ोसी राज्य और जनपद की पुलिस से अपने अपने खुफिया विभाग को और अलर्ट रहने की सलाह दी गई है. हथियार और वाहन तस्करी में जो लोग शामिल रहे हैं उनके खिलाफ जानकारी इकट्ठा करने पर जोर दिया गया है.

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