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Miyazaki Mango: सोने से महंगा आम! दो लाख रुपये प्रति किलो आम बेचता है ओडिशा का यह किसान, जानिए इस नई वैराएटी के बारे में

पैकमल प्रखंड के नीलाधर गांव के आम किसान चंद्रबाबू सत्यनारायण अपने खेत में अलग-अलग नस्ल के आम उगा रहे हैं. यह आम की अन्य किस्मों से पूरी तरह से अलग है क्योंकि इसमें विटामिन ए और सी के साथ-साथ एंटीऑक्सिडेंट भी उच्च मात्रा में होते हैं.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2023,
  • अपडेटेड 2:05 PM IST

ओडिशा के बरगढ़ जिले के एक किसान ने अपने बाग में आम की एक खास किस्म उगाने में सफलता हासिल की है. इसे 'मियाज़ाकी' (Miyazaki) कहा जाता है. इसके अनूठे स्वाद और खाने के मूल्य के लिए इसकी कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पैकमल प्रखंड के नीलाधर गांव के आम किसान चंद्रबाबू सत्यनारायण अपने खेत में अलग-अलग नस्ल के आम उगा रहे हैं. उन्होंने राज्य के बागवानी विभाग के माध्यम से इसे प्राप्त करने के बाद मियाज़ाकी किस्म को अपने बाग में जोड़ा. मियाजाकी किस्म मूल रूप से जापानी नस्ल और आइसबॉक्स किस्म की है. इसके विशिष्ट स्वाद और औषधीय मूल्य के लिए विदेशों में इसकी भारी मांग है.

क्या है आम की खासियत?
सत्यनारायण ने कहा, "आम की यह किस्म न केवल दिखने में बहुत रंगीन है बल्कि इसका एक अनूठा स्वाद भी है. यह आम की अन्य किस्मों से पूरी तरह से अलग है क्योंकि इसमें विटामिन ए और सी के साथ-साथ एंटीऑक्सिडेंट भी उच्च मात्रा में होते हैं. यह शरीर को बीमारी से बचाने में मदद करती है और ओवरऑल हेल्थ को ठीक रखती है. इसमें आहार फाइबर, पोटेशियम और मैग्नीशियम भी शामिल है." बेंगलुरु के रहने वाले दो कस्टमर्स को उन्होंने साल 2022 में 10-10 हजार में दो आम बेचे. 

सत्यनारायण ने कहा, "बेंगलुरु में ग्राहकों को दो आम बेचने के अलावा, हमने स्थानीय स्तर पर चार-पांच फल बेचे. राज्य के बागवानी अधिकारियों ने हमें मदर प्लांट से ग्राफ्टिंग करके अधिक मियाज़ाकी पौधे बनाने की सलाह दी है. एक बार जब हम इस किस्म के अधिक पेड़ लगाएंगे, तो हमें अधिक फसल मिलेगी और इस प्रकार हमारी आय में वृद्धि होगी." 

धान की खेती छोड़ लोग कर रहे फलों की खेती
आम के किसान ने कहा कि वह कई सालों से धान की खेती कर रहा था लेकिन उसे बहुत कम सफलता मिली थी. उसने हाल ही के कुछ सालों में फलों की खेती की ओर रुख किया है. सत्यनारायण ने बताया, "मैं आम और अन्य फलों की विभिन्न किस्मों को उगाकर अच्छा लाभ कमा रहा हूं. मेरा बेटा साईबाबू भी खेती में मेरी मदद कर रहा है." सत्यनारायण की सफलता ने क्षेत्र के कई किसानों को धान की खेती से फलों की खेती की ओर मुड़ने के लिए प्रेरित किया है. साईबाबू ने कहा, "हमें धान की खेती से कभी ज्यादा लाभ नहीं हुआ। हालांकि, फलों की खेती पर स्विच करने के बाद, हम समान प्रयास से अच्छा लाभ कमा रहे हैं."

 

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