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Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर में कैसे एक के बाद एक तीन ट्रेनें हुईं दुर्घटनाग्रस्त, एक्सीडेंट की सामने आई वजह

Coromandel Express Accident: ओडिशा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा क्षतिग्रस्त रेल की कई बोगियां और मौत के बढ़ते आंकड़ा से लगाया जा सकता है. इस हादसे को लेकर ओडिशा सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. 

ट्रेन हादसे के बाद बचाव में जुटे कर्मचारी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2023,
  • अपडेटेड 5:15 PM IST
  • बालासोर स्टेशन के नजदीक बहानगा बाजार स्टेशन के पास हुआ रेल हादसा
  • घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए बनाई गई कमेटी 

ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसा, देश के सबसे बड़े रेल हादसों में से एक है. एक के बाद एक तीन ट्रेनें के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण अभी तक 250 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 900 से ज्यादा लोग घायल हैं. मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेल की कई बोगियां बुरी तरह से तबाह हो गई हैं. एक बोगी घटनास्थल से कुछ दूरी पर जाकर गिरी है, जिससे अंदाजा लगा सकते हैं कि टक्कर कितनी जबरदस्त थी. 

इस घटना के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ से लेकर सुरक्षाबलों के कई जवानों को भी राहत-बचाव कार्यों में लगाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार सुबह भी घटनास्थल से शवों को निकालने का काम जारी रहा. इस हादसे को लेकर ओडिशा सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. आइए जानते हैं रेल हादसा कैसे हुआ? 

कैसे हुई ट्रेन दुर्घटना

ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे की संयुक्त जांच रिपोर्ट सामने आई है. इस जांच रिपोर्ट में इस भीषण घटना के पीछे सिग्नल से संबंधित गलती सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक बहानगा बाजार स्टेशन के पास मालगाड़ी लूप लाइन में खड़ी थी. इसी बीच चेन्नई से हावड़ा जा रही 12841 कोरोमंडल एक्सप्रेस बहानगा बाजार स्टेशन के पास पहुंची. हर स्टेशन पर दूसरी ट्रेन पास कराने के लिए लूप लाइन होती है. बहानगा बाजार स्टेशन पर अप और डाउन, दो लूप लाइन हैं. किसी भी ट्रेन को लूप लाइन पर तब खड़ा किया जाता है, जब किसी दूसरी ट्रेन को स्टेशन से पास कराया जाना हो. बहानगा बाजार स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर हावड़ा एक्सप्रेस को पास कराने के लिए मालगाड़ी को कॉमन लूप लाइन पर खड़ा कराया गया था. कोरोमंडल एक्सप्रेस तेज रफ्तार से मेन अप लाइन से गुजर रही थी. उस समय डाउन लाइन से यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस भी गुजर रही थी. यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस का बहानगा बाजार स्टेशन पर स्टॉपेज नहीं है. ऐसे में दोनों ही ट्रेन की रफ्तार तेज थी. 

अचानक पटरी से उतर गई कोरोमंडल एक्सप्रेस

इसी बीच बहानगा बाजार स्टेशन के पास से गुजर रही कोरोमंडल एक्सप्रेस अचानक पटरी से उतर गई. पटरी से उतरी कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे मालगाड़ी से जा भिड़े तो कुछ डिब्बे अन्य तीसरी लाइन पर भी जा गिरे. उस लाइन से यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस गुजर रही थी. ट्रैक पर कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे गिरे हुए थे. इसकी वजह से यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के पीछ के डिब्बे पटरी से उतर कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए.  रेलवे की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेन नंबर 12864 यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के पीछे के दो डिब्बे पटरी से उतर गए. कोरोमंडल एक्सप्रेस के 21 डिब्बे पटरी से उतर गए और तीन डिब्बे छिटककर डाउन लाइन पर चले गए.   

मृतकों के परिजनों के प्रति जताई संवेदना 
इस ट्रेन हादसे की जांच ए.एम. चौधरी (सीआरएस/एसई सर्किल)  करेंगे. उन्हें शनिवार भोर में ही यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. घटनास्थल पहुंचे रेलमंत्री ने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाई गई है. साथ ही रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर भी घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट देंगे. रेल मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि फिलहाल उनका फोकस राहत और बचाव कार्यों पर है. हादसे की वजह से कई ट्रेनें शनिवार को कैंसिल हो गई हैं. 

 

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