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AI, Startup, Digital Farming और Supply Chain... BRICS में PM मोदी ने गिनाईं भारत की बड़ी पहल

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी और खनिजों को लेकर काफी बात की. साथ ही उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहिए. उन्होंने डिजिटल खेती को लेकर भी बात की.

PM modi
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

नई दिल्ली में चल रहे BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों को लेकर बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का इस्तेमाल हथियार की तरह नहीं होना चाहिए. ऐसा होने से देशों की साझा तरक्की पर असर पड़ सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी का फायदा ज्यादा से ज्यादा देशों और लोगों तक पहुंचना चाहिए.

भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चार चीजों पर खास ध्यान दिया गया है. इनमें मजबूती, नई सोच, सहयोग और टिकाऊ विकास शामिल हैं. इसी सोच के तहत टेक्नोलॉजी, AI, स्टार्टअप, सप्लाई चेन और डिजिटल खेती से जुड़ी कई पहल सामने आई हैं.

डिजिटल खेती में हो AI का इस्तेमाल

BRICS Summit में डिजिटल खेती को भी खास जगह दी गई. पीएम मोदी ने BRICS Network on Digital Agriculture का जिक्र किया. इसके जरिए AI, डिजिटल तकनीक और दूसरी आधुनिक सुविधाओं को किसानों की जरूरतों से जोड़ा जाएगा.

इसका मकसद खेती को आसान बनाना और किसानों के लिए नए मौके तैयार करना है. आने वाले समय में AI और डिजिटल तकनीक खेती से जुड़ी कई समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने में मदद कर सकती है.

स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

PM मोदी ने BRICS Incubator Network और Startup Innovation Fund का भी जिक्र किया. इन्क्यूबेटर नेटवर्क के जरिए अलग-अलग BRICS देशों के स्टार्टअप और संस्थानों को जोड़ने की कोशिश होगी.

वहीं स्टार्टअप इनोवेशन फंड के जरिए ऐसे नए आइडिया को बढ़ावा देने की योजना है, जिन्हें बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सके. इससे युवा उद्यमियों और नई कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है.

सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework भी इस पहल का अहम हिस्सा है. इसका मकसद देशों के बीच सामान की सप्लाई को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाना है. आज दुनिया में एक देश की समस्या का असर दूसरे देशों पर भी पड़ता है. ऐसे में मजबूत सप्लाई चेन कारोबार और जरूरी सामान की उपलब्धता के लिए बहुत जरूरी है.

बीमारी और आपदा से पहले मिले चेतावनी

BRICS देशों ने संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए Integrated Early Warning System पर भी सहमति जताई है. इसका मकसद किसी बीमारी या संकट के संकेत समय रहते पहचानना है. इसके साथ ही आपदा के समय जल्दी कार्रवाई के लिए डेटा साझा करने पर भी जोर दिया गया है. कोरोना महामारी, प्राकृतिक आपदाओं और सप्लाई चेन की रुकावटों ने दिखाया है कि आज किसी संकट का असर एक देश तक सीमित नहीं रहता.

टेक्नोलॉजी का फायदा सबको मिले

PM मोदी ने साफ कहा कि भविष्य की टेक्नोलॉजी के विकास और उनसे जुड़े नियम बनाने में ग्लोबल साउथ की भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए. उनका जोर इस बात पर रहा कि AI और दूसरी नई तकनीकों का फायदा कुछ देशों तक सीमित न रहे.

BRICS Summit 2026 में भारत की ओर से रखी गई इन पहलों का मुख्य उद्देश्य टेक्नोलॉजी, खेती, स्टार्टअप, सप्लाई चेन, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है.

 

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