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Fire Safety Cetificate Renewal: अब घर बैठे मिलेगा फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, सीएम रेखा गुप्ता ने की राह आसान.. जानें किन चीज़ों की पड़ेगी जरूरत

घर-दफतरों के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के रिनुअल के लिए नहीं काटने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, सरकार ने लॉन्च की नई पहल.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:03 AM IST

शनिवार को दिल्ली सरकार ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) के ऑनलाइन रिन्यूअल के लिए एक खास पोर्टल की शुरुआत की. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में इस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन करते हुए इसे “सांविधिक मंजूरी प्रक्रियाओं में बड़ा बदलाव” बताया. नया सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल है और किसी भी फिजिकल विज़िट की जरूरत नहीं पड़ती. खास बात यह है कि आवेदन शुल्क और फीस स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

कैसे काम करेगा पोर्टल?
यह पोर्टल नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) और दिल्ली सरकार की संयुक्त पहल है. इसके जरिए नागरिक और संस्थान फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करेंगे, ऑनलाइन निरीक्षण से गुजरेंगे और नवीनीकृत FSC सीधे मेल पर प्राप्त करेंगे.

किन डिटेल की होगी जरूरत?
गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार अब सिर्फ चार जानकारियों की जरूरत होगी. इसमें प्रॉपर्टी का पता, PAN नंबर बिजली बिल का CA नंबर और पुराना FSC नंबर जरूरी होगा. बाकी पूरी प्रक्रिया विभाग खुद डिजिटल रूप से संभालेगा. यहां तक कि सर्टिफिकेट की वैधता अवधि में होने वाला वार्षिक सेल्फ-सर्टिफिकेशन भी अब ऑनलाइन जमा किया जा सकेगा.

अब फाइलें चलेंगी सिर्फ ऑनलाइन
सीएम गुप्ता ने बताया कि पिछले आठ महीनों में फायर लाइसेंस और परमिट सिस्टम में बड़े सुधार किए गए हैं. पहले आवेदकों को कई दफ़्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, मैनुअल फाइलें अटक जाती थीं और ट्रैकिंग में भी दिक्कत होती थी.

अब नए वर्कफ़्लो में आवेदन सीधे स्क्रूटनी असिस्टेंट फिर असिस्टेंट डेवलपमेंट ऑफिसर और उसके बाद वरिष्ठ फायर अधिकारियों तक डिजिटल रूप से पहुंचता है. निरीक्षण रिपोर्ट भी साइट पर ही अपलोड कर दी जाती है और अंतिम FSC ऑटो-जनरेट होकर ईमेल के माध्यम से भेज दिया जाता है.

डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप ‘फेसलेस सर्विस’
सरकार का कहना है कि यह कदम Digital India विज़न और फेसलेस सर्विस डिलीवरी के मॉडल को और मजबूती देता है. मुख्यमंत्री के अनुसार, अब नागरिक को यह भी देखने की सुविधा होगी कि उसका आवेदन किस अधिकारी के पास और किस स्टेज पर लंबित है. यानी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, जिम्मेदार और तेज़.

 

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