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प्रधान का इस्तीफा है युवाओं का संघर्ष, कहा लोकतंत्र की हुई जीत... केजरीवाल बोले सरकार ठीक करे परीक्षा सिस्टम

जंतर मंतर पर चल रहे सीजेपी संगठन और छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद, धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दे चुके. इस बात को लेकर विपक्ष ने युवाओं की खूब तारीफ की है. साथ ही सरकार पर भी सवाल साधे हैं.

Dharmendra Pradhan
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

NEET-UG परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा. इस्तीफे में उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य हर राजनीतिक और कानूनी विवाद से ज्यादा जरूरी है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब जंतर-मंतर पर छात्र कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे.

विपक्षी नेताओं ने क्या कहा

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने प्रतिक्रिया दी. आम आदमी पार्टी ने इसे युवाओं की जीत बताया और कहा कि छात्रों के दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा. अरविंद केजरीवाल ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दबाव बनाने वाला सही व्यक्ति हो तो हालात बदल जाते हैं. अखिलेश यादव ने इस इस्तीफे को बड़ा बदलाव बताया.

सुप्रिया सुले ने कहा कि यह इस्तीफा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और विपक्ष के लगातार दबाव का नतीजा है. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ इस्तीफे से बात खत्म नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार होने चाहिए और संसद में इस मुद्दे पर पूरी बहस होनी चाहिए.

मायावती ने उठाई पुलिस कार्रवाई की मांग

बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने इस्तीफे को सही फैसला बताया, लेकिन कहा कि यह पहले ही हो जाना चाहिए था. उन्होंने मांग की कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो. खासकर उन पुलिसकर्मियों पर, जिन्होंने लड़कियों के साथ गलत व्यवहार किया. मायावती ने यह भी कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी शिकायतें और मामले वापस लिए जाएं, ताकि उनका भविष्य खराब न हो.

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

शशि थरूर ने कहा कि यह इस्तीफा दिखाता है कि लोकतंत्र में जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता. उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों की लगातार आवाज को इसकी वजह बताया. पी. चिदंबरम ने भी इस्तीफे का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे तनाव कम होगा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा शुरू होगी. कांग्रेस की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे सच्चाई और जनता की ताकत की जीत कहा.

 

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