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NDA को टक्कर देने के लिए विपक्षी पार्टियों ने नया गठबंधन बनाया INDIA, कैसे पड़ा यह नाम, जानिए कब बना था UPA और क्यों पड़ी थी इसकी जरूरत

विपक्ष के नए गठबंधन INDIA में 26 पार्टियां शामिल हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में 11 सदस्यों की एक समन्वय समिति बनाई जाएगी. मुंबई में होने वाली अगली बैठक में इसके सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी.

बेंगलुरु में आयोजित बैठक में शामिल विपक्षी पार्टियों के नेता (फोटो पीटीआई)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 8:06 PM IST
  • पीएम मोदी ने कसा तंज-एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
  • राहुल गांधी बोले-अब लड़ाई इंडिया और नरेंद्र मोदी के बीच है 

एनडीए को टक्कर देने के लिए विपक्षी पार्टियों ने बेंगलुरु में हुई बैठक में मिलकर एक नया गठबंधन 'INDIA' (इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्ल्युएसिव अलायंस) बनाया है. पार्टी के शीर्ष नेताओं का कहना है कि 2024 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा जाएगा. मौजूदा मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ दिया जाएगा. आज आइए जानते हैं कब बना था यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) और क्यों इसकी जरूरत पड़ी थी. 

2004 में यूपीए की पड़ी थी नींव
2004 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. इस चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को 181 सीटें और कांग्रेस उसके साथ जुड़ी पार्टियों को 218 सीटों पर जीत मिली थी. इसी समय कांग्रेस ने लेफ्ट पार्टियों का समर्थन मांगा और यूपीए की नींव डाली. लेफ्ट फ्रंट के 59 सांसदों ने यूपीए को बाहर से समर्थन देने का वादा किया. सपा और बहुजन पार्टी ने यूपीए का समर्थन किया. यूपीए के सरकार में डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने. यूपीए-1 की सरकार 2009 तक चली. 

2009 में यूपीए की फिर सरकार बनी
2009 के लोकसभा चुनाव में भी किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला. यूपीए को 206 सीटों पर और एनडीए को 116 सीटों पर जीत मिली. बाहरी समर्थन लेकर यूपीए की फिर सरकार बनी. मनमोहन सिंह दोबार पीएम बने. यूपीए-2 सरकार में बीजेपी ने घोटाले के कई आरोप लगाए. 2014 के चुनाव में कई पार्टियां यूपीए से अलग होकर अकेले चुनाव मैदान में उतरीं. इस चुनाव में यूपीए को सिर्फ 60 सीटों से संतोष करना पड़ा. केंद्र में एनडीए की सरकार बनी. इतना ही नहीं 2014 में तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में यूपीए सिर्फ एक में ही जीत दर्ज कर पाई. यूपीए गठबंधन 2015 से 2023 के बीच हुए विधानसभा चुनावों में सिर्फ तीन राज्यों में अपना पतका फहरा सका. यूपीए सरकार अभी सात राज्यों में है. उधर, साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में यूपीए सिर्फ 91 सीट जीत पाई. इस तरह से मोदी सरकार फिर सत्ता में आ गई. अब मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी दलों ने नया गठबंधन इंडिया बनाया है. 

नए गठबंधन में ये पार्टियां शामिल
नए गठबंधन 'INDIA' में  कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, जदयू, शिवसेना (UBT), एनसीपी (शरद पवार), सीपीआईएम, समाजवादी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, सीपीआई, आम आदमी पार्टी , झारखंड मुक्ति मोर्चा, केरल कांग्रेस (M), आरजेडी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई (ML), आरएलडी, मनीथानेया मक्कल काची (MMK), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केरल कांग्रेस, केएमडीके, अपना दल (कमेरावादी) और एआईएफबी.

सामूहिक संकल्प में 26 विपक्षी दलों ने क्या कहा?
1. देश के सामने एक वैकल्पिक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक एजेंडा पेश करेंगे.
2. शासन के सार और शैली दोनों को इस तरह से बदलने का वादा करते हैं कि वे अधिक परामर्शात्मक, लोकतांत्रिक, सहभागी हो.
3. अल्पसंख्यकों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, कश्मीरी पंडितों के खिलाफ घृणा, हिंसा को हराने के लिए एक साथ आए हैं.
4. 26 विपक्षी दलों के सामूहिक संकल्प में जातीय जनगणना कराने की वकालत.

राहुल गांधी ने बताया कैसे पड़ा नाम
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नए गठबंधन के नाम 'INDIA'का जिक्र करते हुए कहा कि अब लड़ाई इंडिया और नरेन्द्र मोदी के बीच है और यह बताने की जरूरत नहीं है कि जीत किसकी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोई हिंदुस्तान के सामने खड़ा होता है, तो जीत किसकी होती है यह बताने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि जब हम बैठक में चर्चा कर रहे थे तो हमने खुद से ये सवाल पूछा कि लड़ाई किसके बीच है. यह लड़ाई विपक्ष और भाजपा के बीच नहीं है. देश की आवाज को दबाया और कुचला जा रहा है. यह देश की आवाज के लिए लड़ाई है. इसीलिए यह इंडिया नाम चुना गया. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई एनडीए और इंडिया के बीच है. नरेंद्र मोदी जी और इंडिया के बीच लड़ाई है, उनकी विचारधारा और इंडिया के बीच है. 

मुंबई में होगी अगली बैठक
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्षी गठबंधन में 11 सदस्यों की एक समन्वय समिति बनाई जाएगी और महाराष्ट्र के मुंबई में होने वाली अगली बैठक में इसके सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी. खरगे ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव प्रचार के प्रबंधन के लिए दिल्ली में एक साझा सचिवालय बनाया जाएगा.

पीएम मोदी ने विपक्ष की बैठक पर कसा तंज 
विपक्षी दलों की बैठक पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे वंशवाद को बढ़ावा देने वाला और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाला भ्रष्ट पार्टियों का गठबंधन करार दिया. मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पोर्ट ब्लेयर में वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन करते हुए कहा, आज जो सभा हो रही है, वह केवल एक ही गारंटी दे सकती है, 20 लाख करोड़ रुपए के घोटालों की गारंटी. उन्होंने विपक्षी दलों की बैठक को 'कट्टर भ्रष्टाचार सम्मेलन' बताया और कहा कि वे वैसे नहीं हैं जैसे वे बाहर से दिखते हैं. उन्होंने विपक्षी एकता को लेकर तंज कसा और कहा कि एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग.

 

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