9 साल में उत्तर प्रदेश का इमेज बदला है- सीएम योगी आदित्यनाथ

'पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इन दोनों राजकुमारों को चांदी चम्मच से खाने की आदत रही है. देसर से सोकर उठने की आदत रही है. गर्मी क्या होती है, दोनों को पता नहीं. बरसात की पीड़ा क्या होती है, उनको नहीं पता है.

CM Yogi Adityanath
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

लखनऊ में आयोजित 'पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 9 साल में यूपी की इमेज बदला है. सीएम ने कहा कि इस साल एक रिकॉर्ड टूटने वाला है. पहली बार कोई सरकार तीसरी बार रिपीट होने वाली है. इसमें कोई संदेह नहीं है.

यूपी में कानून का राज कायम किया- सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूबे में डबल इंजन की सरकार आने के बाद ऐसा कौन सा काम था, जो यूपी में नहीं हो सका था, लेकिन अब जमीनी धरातल पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि माफियाराज खत्म करके सूबे में कानून का राज स्थापित किया है. यूपी में कानून का राज कायम करने का काम किया है.

यूपी की तस्वीर बदलने की कोशिश की- सीएम
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 9 साल में मुझे यूपी में शासन-सत्ता का संचालन करने का मौका हमारी पार्टी ने दिया तो मैं दिल्ली और गोरखपुर से कोई नई टीम नहीं लाया. यूपी में उस समय जो भी टीम थी. उनके जरिए ही हमने काम किया और सूबे की तस्वीर बदलने की कोशिश की.

कांग्रेस-समाजवादी पार्टी पर लोगों को भरोसा नहीं था- सीएम
सीएम योगी ने कहा कि साल 2014 से पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन की सरकार थी. केंद्र में कांग्रेस और यूपीए की सरकार थी. यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी. दोनों ने मिलकर काम कर रहे थे. लेकिन आम लोगों का उनपर भरोसा नहीं था. लोग मानते थे कि एक तरफ कुआं है, दूसरी तरफ खाई. दोनों की स्थिति एक जैसी थी.

न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी- सीएम योगी
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार से पहले यूपी की सुरक्षा की स्थिति बदहाल थी. यूपी जैसे राज्य में न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था. 35 से अधिक जिले ऐसे थे, जहां कोई भी सभ्य और सक्षम परिवार अपनी बेटी को स्कूल नहीं भेजता था. अगर पढ़ाना होता था तो यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के यहां भेजना पड़ता था. सीएम ने कहा कि व्यापारियों की स्थिति यह थी कि सत्ता के समानांतर माफिया की सरकारें चलती थी. कोई सुरक्षित नहीं था. परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर जाता था तो यही प्रार्थना करता था कि सुरक्षित लौट आए. उन्होंने कहा कि माफिया के सामने सराकर नाक रगड़ती दिखाई देती थी. 

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