संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया है. अनुमान के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा में पहले दिन सरकार को विपक्ष के हंगामा के सामना करना पड़ा. हंगामे की वजह से कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. सरकार इस सत्र में कई अहम बिल पास कराना चाहती है. चर्चा है कि सरकार मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल ला सकती है. इन बिलों को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी. लेकिन फिलहाल सरकार के पास लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि एनडीए सरकार के पास लोकसभा में कितने सदस्यों का समर्थन है और बाकी दलों की क्या स्थिति है?
मौजूदा समय में लोकसभा का नंबर गेम?
लोकसभा में मौजूदा सदस्य 543 हैं. 3 सीटें खाली हैं. मौजूदा समय में संविधान संशोधन के लिए लोकसभा दो-तिहाई बहुमत यानी 360 सदस्यों की जरूरत होगी. मौजूदा समय में एनडीए के पास 318 सांसदों का समर्थन है. जबकि इंडिया गठबंधन के पास 181 सांसदों का समर्थन है. अन्य 41 सांसद हैं.
एनडीए के पास कितने सांसद?
एनडीए के 318 सांसदों में से बीजेपी के 239 सांसद हैं. टीडीपी के 16 सांसद, जेडीयू के 12 सांसद, एलजेपी के 5 सांसद और शिवसेना के 13 सांसद शामिल हैं. इसके अलावा एनसीपीआई के 20 सांसद भी हैं. इस तरह आंकड़ा 318 पहुंचता है. ये आंकड़ा जरूरी दो-तिहाई बहुमत से 42 कम है.
कहां से आएंगे 42 सांसद?
इंडिया गठबंधन के पास 181 सांसद है. जबकि अन्य 41 सांसद हैं. इन 41 सांसदों पर बीजेपी की नजर है. इसमें डीएमके, वाईएसआर जैसी पार्टियां शामिल हैं. इसमें डीएमके के पास 22 सांसद, वाईएसआर कांग्रेस के पास 4 सांसद हैं.
22 सांसदों वाली DMK का क्या है रूख?
तमिलनाडु में सत्ता से बाहर हुई डीएमके पास 22 लोकसभा सांसद हैं. अगर इनका समर्थन एनडीए को मिलता है तो गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच जाएगा. डीएमके तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बाद सतर्क हो गई है. सियासी गलियारों में माना जा रहा है कि सरकार को डीएमके का समर्थन मिल सकता है. डीएमके की तरफ से भी इससे पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा रहा है.डीएमके का कहना है कि अगर केंद्र उनकी सिफारिशों को शामिल करता है तो उनकी पार्टी को इसका विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है. डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल मौजूदा 543 सीटों के साथ पास हो सकता है, लेकिन सरकार किस तरह से परिसीमन बिल लाना चाहती, हम नहीं जानते हैं.
शरद पवार के पास 8 सांसद-
शरद पवार की पार्टी के पास 8 सांसद हैं. सियासी गलियारों में चर्चा है कि ये सांसद भी सरकार का समर्थन कर सकते हैं. ऐसे में एनडीए के कुल सांसदों की संख्या 354 तक पहुंच सकती है. ऐसे में 6 सांसदों की और जरूरत पड़ेगी. अब देखना है कि सरकार दो-तिहाई बहुमत के लिए कोशिश करती है और ये समर्थन कहां से लाती है?
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