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Parliament Winter Session: संसद में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी के कुत्ता ले जाने पर विवाद, क्या कहता है नियम, हो सकती है कार्रवाई?

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी शीतकालीन सत्र के पहले दिन एक कुत्ता लेकर संसद पहुंचीं. जिसको लेकर सियासी हंगामा मच गया है. राहुल गांधी ने कहा कि क्या संसद में आज का मुद्दा यही है? बेचारे कुत्ते ने क्या किया? इसको लेकर बीजेपी सवाल उठा रही है. आपको बता दें कि संसद भवन उच्च सुरक्षा क्षेत्र है. लोकसभा हैंडबुक के अनुसार सुरक्षा जोखिम वाली चीजें परिसर में लाने की मनाही है.

Renuka Chowdhury Dog Controversy
जितेंद्र बहादुर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 03 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 12:01 PM IST

राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी सोमवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद भवन पहुँचीं, तो उनके साथ एक आवारा कुत्ता भी था, जिसे उन्होंने रास्ते में बचाया था. यही मुद्दा विवाद का कारण बन गया और भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. कुत्ता लाने पर विवाद ने नियमों और सदन के माहौल को सुर्खियों में ला दिया है. 

रेणुका चौधरी ने क्या कहा?
रेणुका चौधरी ने बताया कि रास्ते में एक स्कूटर और कार की टक्कर के बाद एक छोटा पिल्ला सड़क पर डरा हुआ घूम रहा था. उन्हें लगा कि गाड़ी से उसे चोट लग सकती है, इसलिए वह उसे अपनी कार में बैठाकर संसद तक ले आईं और बाद में घर भिजवा दिया. भाजपा द्वारा सुरक्षा के उल्लंघन का मुद्दा उठाने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस चर्चा का क्या मतलब है? असली काटने वाले तो संसद में बैठे हैं. हम एक मूक जीव की मदद करते हैं तो यह बड़ा मुद्दा बन जाता है. 

भाजपा ने क्यों की आलोचना?
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इसे 'तमाशा' करार देते हुए कहा कि बिना उचित दस्तावेज किसी भी व्यक्ति या जीव को संसद परिसर में लाना गलत है. उन्होंने इसे संसद के नियमों और गरिमा का उल्लंघन बताया और कार्रवाई की मांग की.

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी आरोप लगाया कि रेणुका चौधरी ने अपने बयान से सांसदों और कर्मचारियों का अपमान किया है. उनका कहना है कि कांग्रेस संसद में 'नाटक' करने के नए तरीके ढूंढ रही है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

क्या कहते हैं संसद के नियम? 
संसद भवन उच्च सुरक्षा क्षेत्र है. लोकसभा हैंडबुक के अनुसार सुरक्षा जोखिम वाली चीजें परिसर में लाने की मनाही है.

  • सूत्रों के मुताबिक ऐसी वस्तु या जीव, जिसे सुरक्षा जोखिम माना जाए, उसे परिसर में लाने की इजाज़त नहीं.
  • यह IPC के तहत अपराध नहीं माना जाता, लेकिन संसदीय आचार संहिता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन जरूर माना जाता है.
  • आर्म्स और हथियार लाना अपराध है. 

क्या कार्रवाई हो सकती है? 
संसदीय सचिवालय या संसद सुरक्षा शाखा इस मामले पर चेतावनी जारी कर सकती है. इसे आधिकारिक उल्लंघन के रूप में दर्ज कर सकती है. विशेषाधिकार उल्लंघन पर विचार हो सकता है.

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