पेट्रोल-डीजल के दाम में फिर आया उछाल, जानें आपके शहर में कितना महंगा हुआ तेल

जहां एक तरफ विश्व वैश्विक तनाव से गुजर रहा है, वहीं अब आम जनता के पैकेट पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है. तेल कंपनियों ने फिर से एक बार पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा ही रहा तो आगे तेल और महंगा हो सकता है.

Petrol diesel price hike
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:58 AM IST

देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है. एक हफ्ते के भीतर ये दूसरी बार है, जब फ्यूल के दाम बढ़ाए गए हैं. मंगलवार 19 मई से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है. इससे पहले 15 मई को भी दोनों ईंधनों के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी.

क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. माना जा रहा है कि तेल कंपनियों पर बढ़ते खर्च का दबाव बढ़ा है, जिसकी वजह से कीमतों में संशोधन किया गया.

दिल्ली समेत कई शहरों में बदले रेट

  • नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल का दाम बढ़कर 98.64 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल अब 91.58 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है.
  • वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 107 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 94 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 94.08 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है.
  • कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है. यहां पेट्रोल 96 पैसे बढ़कर 109.70 रुपए प्रति लीटर हो गया है. वहीं, डीजल के दाम भी 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपए प्रति लीटर पहुंच गए हैं.
  • चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 86 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 96.11 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है.
  • इससे पहले बीते शुक्रवार को हुई बढ़ोतरी के बाद भी लोगों को बड़ा झटका लगा था. लगातार दो बार बढ़े दामों ने अब रोजमर्रा के खर्च को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता. माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से फल-सब्जियां, किराना, पैकेट फूड और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आगे भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल तेल कंपनियां वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं. हालांकि सरकार और कंपनियों की तरफ से आगे की बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

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