देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है. एक हफ्ते के भीतर ये दूसरी बार है, जब फ्यूल के दाम बढ़ाए गए हैं. मंगलवार 19 मई से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है. इससे पहले 15 मई को भी दोनों ईंधनों के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी.
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. माना जा रहा है कि तेल कंपनियों पर बढ़ते खर्च का दबाव बढ़ा है, जिसकी वजह से कीमतों में संशोधन किया गया.
दिल्ली समेत कई शहरों में बदले रेट
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता. माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से फल-सब्जियां, किराना, पैकेट फूड और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आगे भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल तेल कंपनियां वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं. हालांकि सरकार और कंपनियों की तरफ से आगे की बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
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