Advertisement

Pod Taxi in Noida: नोएडा में चलेगी देश की पहली पॉड टैक्सी, 14.6 किमी के इस रूट पर 2026 तक पूरा होगा काम

Pod Taxi in India: देश की पहली बार पॉड टैक्सी को चलाने के लिए यूपी की योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट को मार्च 2026 तक पूरा करने का टारगेट है. PRT के लिए यह कॉरिडोर दुनिया का सबसे लंबा कॉरिडोर होगा. प्राधिकरण ने परियोजना लाने के लिए लंदन और अबुधाबी मॉडल का अध्य्यन कराया है.

नोएडा में चलेगी देश की पहली पॉड टैक्सी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2023,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

देश की पहली पॉड टैक्सी जेवर एयरपोर्ट से प्रस्तावित फिल्म सिटी के बीच चलेगी. इस प्रोजेक्ट को यूपी सरकार से मंजूरी मिल गई है. इसके बाद पर्सनल रैपिड ट्रांजिट प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए जाएंगे. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक रिपोर्ट तैयार की है. जिसमें कॉरिडोर को बनाने की लागत 631 करोड़ रुपए आंकी गई है. इसको मार्च 2026 तक पूरा करने का टारगेट है. यीडा के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने कहा कि दुनिया में 5, 6 कंपनियां ही हैं, जिनके पास पॉड टैक्सी सिस्टम विकसित करने की विशेषज्ञता है. अब तक सभी ने इसमें रूचि दिखाई है. सीईओ ने बताया कि कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण कर लिया गया है.

14 किमी की दूरी, 12 स्टेशन-
इस प्रोजेक्ट में 14.6 किलोमीटर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा. डीपीआर के मुताबिक जेवर से सेक्टर 21 तक कॉरिडोर पर 12 स्टेशन बनाए जाएंगे. यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि पॉड टैक्सी की उपयोगिता बढ़ाने के लिए यीडा के सेक्टरों में भी इसका ट्रैक ले जाने का सुझाव डीपीआर में दिया गया है. यीडा के सेक्टर 21,28,29,32 और 33 होते हुए नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच पॉड टैक्सी चलेगी.

20 मिनट में सफर होगा पूरा-
डीपीआर के मुताबिक जिस तरह से पटरियों पर ट्रेनें चलती हैं, उसी तरह से पहले चरण में 101 पॉड टैक्सी चलाने की योजना है. ये पॉड टैक्सी ड्राइवरलेस होंगी. एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक की दूरी 20 मिनट में तय की जाएगी. पॉड टैक्सी 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी. इसको 4 से 6 मुसाफिरों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है.

10 रुपए प्रति किमी होगा किराया-
पॉड टैक्सी सर्विस शुरू होने के बाद इसका किराया 10 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूला जाएगा. पॉड टैक्सी में सेफ्टी के तमाम उपकरण मौजूद रहेंगे. शुरुआती अनुमान के मुताबिक रोजाना 37 हजार मुसाफिर इससे सफर करेंगे. पॉड टैक्सी में शीशे का केबिन होगा. जिसमें से मुसाफिर बाहर का नजारा भी देख सकेंगे. 

दुनिया का सबसे लंबा पॉड टैक्सी कॉरिडोर-
यह प्रोजेक्ट दुनिया में इस तरह का सबसे लंबा कॉरिडोर होगा. अब तक दुनिया में सबसे लंबा पीआरटी सर्विस वेस्ट वर्जिनिया में है, जो 13.2 किलोमीटर लंबा है और ये साल 1975 से सेवा में है. जबकि इस वक्त दुनिया में दूसरी सबसे लंबी पीआरटी कॉरिडोर चीन में है, जो 9.7 किलोमीटर लंबा है. इसके अलावा लंदन में 3.9 किलोमीटर, यूएई में 1.4 किलोमीटर, साउथ कोरिया में 4.6 किलोमीटर पर्सनल रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर है.

भारत में कई बार हई पॉड टैक्सी पर चर्चा-
भारत में अब तक पर्सनल रैपिड ट्रांजिट की शुरुआत नहीं हुई है. हालांकि इसपर काफी समय से चर्चा हो रही है. साल 2010 में हरियाणा सरकार ने पॉड टैक्सी कॉरिडोर बनाने के लिए प्रपोजल दिया था. लेकिन उसपर काम नहीं हो पाया. साल 2016 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने गुड़गांव और दिल्ली को जोड़ने के लिए पॉड कार नेटवर्क के लिए टेंडर जारी किया था. कंपनियों की तरफ से आवेदन भी मिले थे. लेकिन से प्लान आगे नहीं बढ़ पाया. अब नोएडा में योगी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है.

ये भी पढ़ें:

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement