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नीले ड्रम से निकले करोड़ों रुपए... हैरान रह गए गांव वाले, जांच में जुटी पुलिस

प्रयागराज के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने एक मकान के बरामदे की खुदाई कर जमीन में गड़े तीन ड्रमों से करोड़ों रुपए की नकदी बरामद की है. नोटों के बंडल पॉलीथीन में लपेटकर रखे गए थे. पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों राकेश और राजेश यादव को हिरासत में लिया है.

नीले ड्रम से निकला भर-भर के पैसा
पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज,
  • 29 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:59 PM IST

प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के गंगानगर जोन के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित बरईपुर रामनगर गांव में एक मकान से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया. जमीन में गड़े तीन ड्रमों में नोटों के बंडल मिले हैं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, बरामद रकम करोड़ों रुपए की बताई जा रही है. हालांकि, धनराशि की आधिकारिक गणना अभी जारी है. पुलिस ने नकदी कब्जे में लेकर नवाबगंज थाने के मालखाने में सुरक्षित जमा करा दी है.

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि बरईपुर रामनगर स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में काला धन छिपाकर रखा गया है. इसके बाद नवाबगंज और सोरांव थाना पुलिस ने एसीपी सोरांव श्यामजी और एसीपी फूलपुर राजकुमार सिंह की मौजूदगी में मकान के बरामदे की खुदाई कराई. इस दौरान जमीन में गड़े तीन ड्रम बरामद हुए. इनमें नोटों के बंडल पॉलिथीन में लपेटकर रखे गए थे, ताकि वे खराब न हों. बरामद नोटों में ज्यादातर 500 रुपए के बताए जा रहे हैं.

राकेश और राजेश यादव हिरासत में
पुलिस ने मामले में दो सगे भाइयों राकेश यादव और राजेश यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. नकदी मिलने वाले मकान को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है. घर के सभी सदस्य फिलहाल वहां से चले गए हैं और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है. मौके पर एसीपी सोरांव श्यामजी, नवाबगंज थाना प्रभारी पंकज अवस्थी और भारी पुलिस बल तैनात है.

ग्रामीणों के अनुसार, राकेश यादव और राजेश यादव पहले पुणे की एक कंपनी में काम करते थे. पिछले कुछ वर्षों में दोनों ने गांव में कई बीघा जमीन खरीदी. इसके अलावा बाजार में मकान और दुकानें भी खरीदीं. दोनों अपने घर के पास एक मंदिर का निर्माण भी करा रहे थे. मंदिर निर्माण के लिए लोगों से चंदा लेने की बात भी सामने आई है.

नवरात्र में विवाद के बाद पुलिस को मिली थी सूचना
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाइयों का गांव में सामान्य व्यवहार था. हालांकि, शारदीय नवरात्र के दौरान देवी प्रतिमा विसर्जन को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद किसी व्यक्ति ने पुलिस को मकान में काला धन छिपाए जाने की सूचना दी थी. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की.

मामले की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं. आयकर विभाग, जीएसटी विभाग और खुफिया एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है. अब बरामद धन के स्रोत और उसकी वैधता की जांच की जाएगी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
 

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