पंजाब में KCC सिस्टम में 26 साल बाद बड़ा बदलाव, गेहूं-गन्ना और बागवानी फसलों पर बढ़ाई गई क्रेडिट सीमा

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला किया है. सरकार ने KCC सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने गेहूं की फसल के लिए क्रेडिट सीमा 30 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दिया है. जबकि गन्ने की खेती के लिए क्रेडिट सीमा एक लाख रुपए प्रति एकड़ कर दी है. इससे पहले इसकी सीमा 44 हजार रुपए प्रति एकड़ थी. सब्जियों के लिए भी क्रेडिट सीमा बढ़ाई गई है.

Bhagwant Mann
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:08 PM IST

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों को लेकर एक बड़ा फैसला किया है. सरकार ने 26 साल पुरानी KCC व्यवस्था में बदलाव किया है. इसमें पारंपरिक फसलों के लिए सहकारी ऋण सीमा में बढ़ोतरी और सूबे में कृषि विविधिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए नई फसलों को जोड़ना शामिल है.

गेहूं के लिए बढ़ाई गई क्रेडिट सीमा-
भगवंत मान की सरकार ने गेहूं की फसल के लिए क्रेडिट सीमा में बढ़ोतरी की है. सरकार ने क्रेडिट सीमा 30 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दिया है. इससे पहले ये सीमा 24380 रुपए थी. इसके साथ ही सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए केसीसी में पहली बार अलग से 2 हजार रुपए प्रति एकड़ का प्रावधान किया है.

गन्ना किसानों के लिए क्रेडिट सीमा-
पंजाब की मान सरकार ने गन्ना किसानों को भी तोहफा दिया है. सरकार ने गन्ना किसानों के लिए भी क्रेडिट सीमा बढ़ाई है. सरकार ने गन्ना के लिए क्रेडिट सीमा एक लाख रुपए प्रति एकड़ कर दी है. इससे पहले इसकी सीमा 44 हजार रुपए प्रति एकड़ थी.

सब्जियों के लिए भी बढ़ाई गई क्रेडिट सीमा-
भगवंत मान सरकार ने सब्जियों और बागवानी फसलों के लिए भी क्रेडिट सीमा बढ़ा दी है. सरकार ने सब्जियों और बागवानी फसलों के लिए क्रेडिट सीमा 32 हजार रुपए से बढ़ाकर 1.57 लाख रुपए प्रति एकड़ कर दी है.

ड्रैगन फ्रूट, बांस, पॉपलर और लेमनग्रास जैसी फसलों को पहली बार KCC में शामिल किया गया है. लेमनग्रास की खेती के लिए 30 हजार रुपए प्रति एकड़, जामुन की खेती के लिए 23 हजार रुपए प्रति एकड़, बांस की खेती के लिए 13 हजार रुपए प्रति एकड़ और चिनार की खेती के लिए 2 हजार रुपए प्रति एकड़ का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 47 हजार रुपए प्रति एकड़ का ऋण दिया जाएगा.

6 साल के लिए मिलेगी KCC मंजूरी-
सरकार ने किसानों की केसीसी की भी सीमा बढ़ा दी है. अब किसानों को 6 साल के लिए केसीसी मंजूरी मिलेगी. इसकी लिमिट हर साल बढ़ेगी. इसके साथ ही सरकार ने इस पूरे प्रोसेस को डिजिटल कर दिया है.किसान ATM, UPI और डिजिटल बैंकिंग के जरिए आसानी से पैसे निकाल सकेंगे.

नई पॉलिसी के तहत कृषि से जुड़े दूसरे क्षेत्रों को भी वित्तीय सहायता मिली है. मत्स्य पालन में मानक ऋण सीमा 30 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर कर दी गई है. जबकि सफेद झींगा पालन के लिए ऋण सीमा 45 लाख रुपए से बढ़ाकर 55 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है.

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