पंजाब के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करते हुए आवारा कुत्तों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी.
बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी डर के घूमने-फिरने योग्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आवारा कुत्तों को अधिक भीड़भाड़ वाली जगहों से हटाया जाएगा और उनकी उचित देखभाल के लिए आवश्यक शेल्टर होम बनाए और संचालित किए जाएंगे. उन्होंने मानव जीवन और पशु कल्याण दोनों की सुरक्षा के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
पंजाब में लागू होंगे SC के नियम
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 19 मई 2026 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पहले ही आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं. उन्होंने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आवारा कुत्तों को सभी अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से हटाया जाएगा ताकि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से घूम सकें.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार डॉग शेल्टर बनाएगी और उनकी देखभाल करेगी, जहां आवारा कुत्तों की उचित तरीके से देखभाल की जा सकेगी. उन्होंने पुष्टि की कि सरकार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस मुद्दे का मानवीय और कानूनी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उठाएं जाएंगे कानूनी कदम
मुख्यमंत्री ने कहा, “रेबीज और लाइलाज बीमारी से पीड़ित या ऐसे कुत्ते जो अत्यधिक खतरनाक हैं और मानव जीवन के लिए खतरा बने हुए हैं, के मामलों में कानूनी रूप से स्वीकृत कदम, जिनमें दर्दरहित मृत्यु भी शामिल है, के संबंध में पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा.”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस कदम से पूरे पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है. आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाओं ने नागरिकों में व्यापक चिंता पैदा की है, जिसके कारण पंजाब सरकार के लिए इस मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करना जरूरी हो गया था.”