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यूपी-बिहार पर पंजाब के सीएम चन्नी के बिगड़े बोल, जानिए 'बयानवीर' नेताओं की फेहरिस्त में कौन-कौन शामिल

हैरान करने वाली बात यह है कि जब चन्नी यह बयान दे रहे थे तो प्रियंका गांधी मुस्करा रहीं थीं. ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी नेता ने यूपी-बिहार के लोगों को लेकर इस तरह की गलत बयानबाजी दी है.

CM चन्नी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST
  • चरणजीत सिंह चन्नी का बयान- यूपी और बिहार के भाईयों को पंजाब में घुसने मत दीजिए.
  • इससे पहले कई नेताओं ने यूपी और बिहार के लोगों को लेकर गलत बयानबाजी की है

पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने विधनसभा चुनावों के प्रचार के दौरान कहा है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के भाईयों को पंजाब में घुसने मत दीजिए. चन्नी ने यह बयान उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रहीं पार्टी की दिग्गज नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के सामने दिया है. हैरान करने वाली बात यह है कि जब चन्नी यह बयान दे रहे थे तो प्रियंका गांधी मुस्करा रहीं थीं. ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी नेता ने यूपी-बिहार के लोगों को लेकर इस तरह की गलत बयानबाजी दी है. 

बाल ठाकरे की गलत बयानबाजी

शिव सेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने बहुत बार बिहार के लोगों के लिए गलत बयानबाजी दी है और अपनी क्षेत्रवादी राजनीति को बढ़ाया है. उन्होंने तो  दक्षिण भारतीयों के खिलाफ पार्टी ही खड़ी कर दी थी. उन्होंने एक बार बहुत गलतबयानी की थी कि बिहारी अपने साथ बीमारी और लड़ाई लेकर आते हैं.  एक बिहारी सौ बीमारी, दो बिहारी लड़ाई की तैयारी, तीन बिहारी ट्रेन हमारी, पांच बिहारी तो सरकार हमारी वाले बयान से शिव सेना की क्षेत्रवादी घृणा को बढ़ावा दिया. न्होंने बिहार के खिलाफ  हिंसा को भडक़ाया और बयान दिया.बाल ठाकरे ने ये भी कहा था कि बिहार तक यह संदेश पहुंचना चाहिए, मुंबई में उनके लिए जगह नहीं बची है.  शहर को नष्ट करने के बाद ये लोग गांव लौट जाएंगे, लेकिन हम कहां जाएंगे?

दिल्ली में भी नफरत

शीला दीक्षित तब दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं, उन्होंने पूरी लापरवाही के साथ कहा था, यूपी बिहार से होने वाले पलायन की वजह से  नई दिल्ली के मूलभूत ढांचे पर काफी दबाव पड़ रहा है. 

कोटा में विरोध

बिहार -यूपी के छात्र बड़ी तादाद में कोटा में पढ़ते हैं. वहां भी छात्रों के बीच लड़ाई से विवाद पैदा हुआ और इसमें  राजनेता भी कूद पड़े. भाजपा नेता भवानी सिंह राजावत ने पूरी गैर जिम्मेदारी के साथ कह दिया था कि, बिहार के छात्र शहर के माहौल को खराब कर रहे हैं, उन्हें निकाल बाहर करना चाहिए. 

कमलनाथ की गलतबयानी

2018 में तत्कालिन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था  कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के लोग यहां आते हैं, और यहां की नौकरियां अपने नाम कर लेते हैं. इसकी वजह से स्थानीय लोगों को जॉब नहीं मिल पाती है.

कमलनाथ लंबे समय तक केन्द्र सरकार में मंत्री रहे हैं. उन्हें सोचना चाहिए था कि बिहार के लिए क्यों दूसरे राज्यों में जाते हैं. आखिर कहां पर क्या कमी है .कमलनाथ के इस बयान की खूब निंदा हुई थी, निंदा इसलिए भी हुई थी कि जिस उन्होंने यूपी-बिहार के लोगों को निशाना बनाया है, वो उसी यूपी के कानपुर से ताल्लुक रखते हैं. 

 

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