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8 महीने में NDPS एक्ट के तहत 1331 गिरफ्तारी, फाजिल्का पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन

'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के दौरान फाजिल्का पुलिस ने 8 महीने में 924 मामलों में 1331 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 41.124 किलोग्राम हेरोइन बरामद की. डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि नशा तस्करी और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ फाजिल्का पुलिस की उल्लेखनीय सफलता मिली है. जबकि एसएसपी गगन अजीत सिंह ने कहा कि सीसीटीवी और तकनीक आधारित खुफिया तंत्र से अपराधों का पता लगाने और पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिली है.

Punjab Police
gnttv.com
  • फाजिल्का,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST

पंजाब के फाजिल्का में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के पिछले 8 महीनों के दौरान नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज 924 मामलों में 1,331 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस दौरान पुलिस ने 41.124 किलोग्राम हेरोइन, 3.85 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, 6.503 किलोग्राम अफीम, 42 ग्राम चरस, 250.537 किलोग्राम पोस्त की भूसी तथा नशीली दवाओं के 15,843 कैप्सूल/गोलियाँ बरामद की हैं. 

38 गाड़ियों को भी किया गया जब्त-
नशा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे कुल 38 वाहनों को भी ज़ब्त किया गया है. पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के तहत, फाजिल्का पुलिस ने नशा तस्करी और नशे के खिलाफ महत्त्वपूर्ण सफलता हासिल की है. कार्रवाई के साथ-साथ रिहैबिलिटेशन पर भी विशेष जोर दिया गया है. कुल 252 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया है, जबकि 1,809 लोगों को आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओओएटी) केंद्रों के लिए रेफर किया गया है. एनडीपीएस एक्ट की धारा 64-ए के तहत 141 लोगों को भी लाभ दिया गया है.

आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज- एसएसपी
फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह ने कहा कि पहचान कर गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि संगठित अपराध पर अंकुश लगाया जा सके. अब तक, आर्म्स एक्ट के तहत 10 मामले दर्ज किए गए हैं और 15 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है. इस दौरान 25 पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, 32 मैगजीन, 52 ज़िंदा कारतूस और तीन ड्रोन बरामद किए गए हैं.

सामुदायिक संपर्क को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत फाजिल्का पुलिस ने 99 ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ बैठकें तथा 334 नशा विरोधी जागरूकता शिविर और सेमिनार आयोजित किए हैं. इन पहलों का उद्देश्य लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना, नशे के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाना और पुलिस-जनता के संबंधों को मज़बूत करना है. लोगों को साइबर अपराधों की समय पर रिपोर्टिंग के लिए 1930 हेल्पलाइन तथा cybercrime.gov.in पोर्टल के बारे में भी जागरूक किया गया है.

24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया नया मॉडल- एसएसपी
एसएसपी ने कहा कि जिला पुलिस ने चौबीसों घंटे जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग मॉडल अपनाया है. 112 हेल्पलाइन से जुड़े 21 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी), जिन पर 102 पुलिसकर्मी तैनात हैं, के साथ-साथ 10 पुलिसकर्मियों वाली पाँच पीसीआर मोटरसाइकिलें दिन और रात की शिफ्ट में तैनात की गई हैं. जिले के रणनीतिक प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सात स्थायी रात्रि नाके भी स्थापित किए गए हैं, जहाँ 39 पुलिसकर्मी तैनात हैं. इन नाकों पर बैरिकेडिंग की गई है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से इनका निरीक्षण किया जाता है.

23 हजार से ज्यादा चालान किए गए- यातायात नियमों के सख़्त पालन के परिणामस्वरूप 23,804 चालान किए गए हैं, 921 वाहनों को ज़ब्त किया गया है और 173 नकद चालान जारी किए गए हैं, जिनसे 1,70,600 रुपये का ज़ुर्माना वसूला गया है. निवारक पुलिसिंग के तहत 976 लोगों को हिरासत में लिया गया और 545 लोगों को पाबंद किया गया, जिससे ज़िले में कानून-व्यवस्था को और मज़बूत करने में मदद मिली है.

जाँच और कार्रवाई को मजबूत करने के लिए पुलिस द्वारा तकनीक का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS) का उपयोग आइडेंटिटी वेरिफिकेशन (पहचान सत्यापन) के लिए किया जा रहा है, जबकि वाहन(VAHAN) डेटाबेस नाकों और तलाशी अभियानों के दौरान वाहनों के तत्काल वेरिफिकेशन में मदद करता है. जब्त किए गए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जाँच के लिए एक डिजिटल फोरेंसिक लैब भी स्थापित की गई है.

अपराधियों को ट्रेस करने के लिए NATGRID का इस्तेमाल- एसएसपी
एसएसपी ने कहा कि सीसीटीवी निगरानी और तकनीक आधारित ख़ुफ़िया तंत्र ने अपराध का पता लगाने, जाँच और पुलिस की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया है. अपराधियों का पता लगाने और उनकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) तथा ‘अन्वेषक’ जैसे ओपन-सोर्स एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है. हत्या के मामले में फरार दोषी संदीप तोमर को NATGRID की मदद से मध्य प्रदेश से सफलतापूर्वक ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया. इस प्रणाली ने 2026 में सीमा पार नशा तस्करी नेटवर्क के ख़िलाफ़ पुलिस अभियानों में भी मदद की है.

सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी के ख़िलाफ़ कार्रवाई के तहत 16 मामले दर्ज किए गए हैं और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन गिरफ़्तारियों के दौरान 26.822 किलोग्राम हेरोइन, एक पिस्तौल, पाँच मैगजीन, 13 ज़िंदा कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया गया है.

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