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देश की संसद में लोगों को संबोधित करेगी पंजाब की यह बेटी, डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती के प्रोग्राम के लिए 25 राज्यों से 7 बच्चों का हुआ चयन

गुरदासपुर जिले के सीमावर्ती कस्बे डेरा बाबा नानक की बेटी देश की संसद में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेगी. देश के पहले राष्ट्रपति की जयंती के मौके पर संबोधित करने के लिए हुआ चुनाव.

Yogita
gnttv.com
  • गुरदासपुर,
  • 02 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST
  • बीए कर चुकी हैं योगिता 
  • 25 राज्यों से चुने गए 7 बच्चे

देश की संसद में 3 दिसंबर को होने वाले राष्ट्रीय युवा संसद कार्यक्रम में 7 राज्यों के युवा छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर देश को संबोधित करेंगे. वहीं पंजाब का प्रतिनिधित्व विभिन्न चरणों में होगा. इसके लिए पंजाब के सीमावर्ती कस्बे कस्बे डेरा बाबा नानक की रहने वाली योगिता को चुना गया है. 

इस उपलब्धि के लिए योगिता खुद को काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं और कह रही हैं कि इसके पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का सहयोग और ईश्वर का आशीर्वाद है. परिवार में खुशी की लहर है और कह रहे हैं कि उन्होंने अपने बच्चे की मेहनत से ही यह मुकाम हासिल किया है. 

बीए कर चुकी हैं योगिता 
योगिता ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें यह मौका मिलेगा और वह देश की संसद में पंजाब का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी जाएंगी. 3 दिसंबर 2022 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर देश की संसद में राष्ट्रीय युवा संसद का आयोजन किया जा रहा है. जहां देश भर से केवल 7 युवा देश को संबोधित करेंगे.

योगिता ने कहा कि उन्हें जो विषय मिला है वह देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जीवनी पर है. योगिता ने अपनी सारी शिक्षा डेरा बाबा नानक के सरकारी स्कूल में और फिर सरकारी कॉलेज गुरदासपुर से की है. उन्होंने अब बीए पूरा कर लिया है. शिक्षा के दौरान उन्होंने जिला स्तर और राज्य स्तर पर कई सांस्कृतिक और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लिया और जीतीं भी.  

25 राज्यों से चुने गए 7 बच्चे
इस साल फरवरी में युवा संसद के लिए उन्होंने अप्लाई किया. उनका चयन आसान नहीं था क्योंकि देश के 25 राज्यों के बच्चे थे. और सिर्फ 7 बच्चों का चयन होना था. जिनमें से एक अब योगिता हैं. उन्होंने कहा कि इस बड़ी उपलब्धि के लिए वह केवल भगवान के आशीर्वाद और अपने परिवार और शिक्षकों के समर्थन पर विश्वास करती हैं. 

योगिता एक शिक्षक बनना चाहती है और युवाओं से अपील करती हैं कि वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें. यह बड़े गर्व की बात है और योगिता आज जिस मुकाम पर हैं, वह अपनी मेहनत की वजह से ही हैं. 

(बिशंबर बिट्टु की रिपोर्ट)

 

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