पंजाब में 8 मार्च 2026 का दिन इतिहास में दर्ज होने जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, जिसे देश में नारी सशक्तिकरण की सबसे बड़ी पहल माना जा रहा है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए बजट में 'मुख्यमंत्री मावा-धीयां सत्कार योजना' का ऐलान किया गया है. यह योजना सीधे पंजाब की करोड़ों महिलाओं के जीवन से जुड़ी है और उन्हें आर्थिक ताकत देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
महिलाओं को मिलेंगे हर महीने 1 हजार
इस योजना के तहत पंजाब सरकार 18 साल से ऊपर की सभी योग्य महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए देगी. वहीं अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे. केवल सांसद, विधायक और इनकम टैक्स भरने वाली महिलाओं को इससे बाहर रखा गया है, जबकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने वाली महिलाएं भी इस योजना की पात्र होंगी.
मान सरकार का कहना है कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा सामाजिक अभियान है. घर के फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार आए, और पढ़ी-लिखी बेटियों की जरूरतें पूरी हों, इसी सोच के साथ यह योजना लाई गई है.
महिलाओं को मिले केवल भाषण
पंजाब की राजनीति में यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय तक सत्ता में रही पार्टियों ने महिलाओं के नाम पर केवल भाषण दिए, लेकिन आर्थिक ताकत देने का साहसिक कदम नहीं उठाया. आम आदमी पार्टी की सरकार ने पहली बार महिलाओं को सीधे आर्थिक सहयोग देकर उन्हें सम्मान देने की पहल की है.
योजना को लेकर पंजाब में उत्साह का माहौल है. गांव से लेकर शहर तक महिलाएं इसे अपने सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देख रही हैं. राजनीतिक संदेश भी साफ है, जो वादा किया, वह निभाया. और यही मॉडल अब देश की राजनीति में नई बहस खड़ी कर रहा है.