Punjab: मनरेगा में सुधारों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है बीजेपी- हरपाल सिंह चीमा

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार मनरेगा में सुधारों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भाजपा के एजेंडे के खिलाफ मजदूरों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने रोजगार गारंटी खत्म किया और संघीय ढांचे को कमजोर किया है.

Harpal Singh Cheema
gnttv.com
  • चंडीगढ़,
  • 31 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

भाजपा  के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में सुधारों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा कि 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया भाजपा के सुधारों के दावों की असलियत को बेनकाब करता है.

बीजेपी ने असल में रोजगार गारंटी को खत्म कर दिया- हरपाल सिंह चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय बोझ का 40 परसेंट हिस्सा राज्यों पर डालकर और स्कीम के अधिकार-आधारित ढांचे को खोखला करके भाजपा ने असल में रोजगार गारंटी को खत्म कर दिया है और भारत के संघीय ढांचे को कमजोर किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा इन कदमों के विरुद्ध मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है, वहीं कांग्रेस शासित राज्यों ने चुप रहना चुना है.

वित्तीय मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा लीडरशिप पर अपनी फैसले को जायज ठहराने को लेकर निशाना साधा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सप्तगिरी शंकर उलाका की प्रधानगी वाली कमिटी ने कभी भी धर्म के आधार पर रखने यां बदलाव करने की सिफारिश नहीं की थी; इसके बजाय, कमेटी ने पेंडिंग फंड को तुरंत जारी करने की अपील की थी.

बीजेपी ने लोगों को गुमराह किया- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने भाजपा द्वारा गुमराह करने वाले दावों का इस्तेमाल करके जानबूझ कर की गई साजिश को छुपाने की निंदा की, जिस का उद्देश्य गरीबों, दलितों और छोटे किसानों को उनके रोजी-रोटी के बुनियादी अधिकार से वंचित करना है.

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खुलासा किया कि जब भाजपा ‘सुधार’ का नैरेटिव बना रही है, वहीं केंद्र सरकार 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बड़े बकाए पर बैठी है. इसमें मजदूरों की 12,219 करोड़ रुपये की अवैतनिक मज़दूरी और ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स के लिए पंचायतों के 11,227 करोड़ रुपये के मटीरियल खर्च के शामिल हैं.

वित्तीय मंत्री ने कहा कि स्कीम में सुधार के भाजपा के दावों के बावजूद, 2025-26 के लिए रखे गए बजट का लगभग 27 प्रतिशत जारी नहीं किया गया है, जिससे लाखों परिवार भूखमरी और निराशा की ओर धकेले जा रहे हैं.

बीजेपी का ये कदम संघीय ढांचे पर हमला- हरपाल
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मनरेगा को एक नए फ्रेमवर्क से बदलकर, जो वित्तीय बोझ का 40 परसेंट राज्य सरकारों पर डालता है और प्रोजेक्ट प्रस्तावों के लिए केंद्र से पहले मंज़ूरी की मांग करता है, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने रोज़गार गारंटी को प्रभावशाली ढंग से खत्म कर दिया है. उन्होंने तर्क दिया कि ये कदम भारत के संघीय ढांचे पर सीधा हमला हैं.

इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल-लोकेशन-आधारित हाजिरी जैसी पाबंदीशुदा शर्तें लागू करने की भी आलोचना की और कहा कि ये उन मजदूरों को बाहर करने के लिए बनाई गई हैं जिनके पास उच्च तकनीकी साधन नहीं हैं.

मान सरकार ने दमनकारी नीतियों के खिलाफ प्रस्ताव पास किया- हरपाल चीमा
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इन दमनकारी नीतियों के विरुद्ध विधानसभा में औपचारिक प्रस्ताव पास करने वाली भारत की पहली सरकार बन गई है, जबकि कांग्रेस शासित राज्य चुप हैं.

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब विधानसभा का प्रस्ताव मजदूरों और दलित समुदाय के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता का सबूत है, जबकि विधानसभा में कांग्रेसी नेता द्वारा नई स्कीम के लिए 800 करोड़ रुपये रखने के बारे में उठाए गए सवाल ने भाजपा  के एजेंडे के लिए उनकी पार्टी के अंदरूनी समर्थन को उजागर कर दिया है.

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने देश के देश के गरीबों की मान सम्मान और जीवन को सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा को उसके असली अधिकार-आधारित रूप में तुरंत बहाल करने और सारी बकाया राशि जारी करने की मांग की.

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