Punjab: बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर मान सरकार का बड़ा फैसला, 12 महत्वपूर्ण कैटेगरी के 300 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को सूचीबद्ध करने की मंजूरी

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में कैबिनेट की बैठक हुई. कैबिनेट ने 12 महत्वपूर्ण श्रेणियों के 300 स्पेशलिस्ट डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की सहमति दी. इससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में आसानी होगी. इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 के अंतर्गत नियम 28ए यानी एकसमान अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचे को भी मंजूरी दे दी है.

bhagwant mann cabinet
gnttv.com
  • चंडीगढ़,
  • 28 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST

पंजाब भर के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने 12 प्रमुख श्रेणियों के 300 स्पेशलिस्ट डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है.

300 डॉक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी-
मुख्यमंत्री दफ्तर के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने 12 महत्वपूर्ण श्रेणियों अर्थात मैडीसिन, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग विशेषज्ञ), साइकियाट्री (मनोरोग विशेषज्ञ), डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग विशेषज्ञ), चेस्ट एवं टी.बी. (छाती रोग विशेषज्ञ), सर्जरी, गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग विशेषज्ञ), ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र रोग विशेषज्ञ), ई.एन.टी. (कान, नाक, गला विशेषज्ञ) तथा एनेस्थीसियोलॉजी में 300 विशेषज्ञ डाक्टरों को एम्पैनल करने का भी निर्णय लिया है. इस कदम से विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और पंजाब के लोगों को सकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा. इन विशेषज्ञ डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से की जाएगी और एम्पैनल हुए डाक्टर ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, बड़े-छोटे ऑपरेशन और अन्य विभिन्न सेवाओं के लिए प्रति मरीज एम्पैनलमेंट फीस लेने के हकदार होंगे.

एकसमान अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचे को मंजूरी-
कैबिनेट ने पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 के अंतर्गत नियम 28ए यानी एकसमान अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचे को भी मंजूरी दे दी है. इससे अपील चैनलों की दोहरी प्रक्रिया रोकी जा सकेगी, एक ही बोर्ड या उसकी समितियों में परस्पर विरोधी निर्णयों से बचा जा सकेगा और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में कमांड की स्पष्ट लड़ी बनेगी. साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि अपीलों की सुनवाई संस्था के भीतर केवल एक बार ही हो. यह एक स्पष्ट एकसमान ढांचे के तहत उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करके तथा हर स्तर पर प्राधिकार को परिभाषित करके संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करेगा और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में भी मदद करेगा. इससे पंजाब में सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत सभी शीर्ष संस्थाओं एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी.

पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन को मंजूरी-
मंत्रिमंडल ने खनन सेवाओं को और अधिक कुशल, नागरिक-हितैषी तथा पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स (संशोधन) पॉलिसी 2025 के अनुसार पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 में संशोधन करने की भी अनुमति दे दी है. प्रदेश में आवंटित की जाने वाली क्रशर माइनिंग साइटों तथा भूमि मालिकों की माइनिंग साइटों के माइनिंग लीज धारकों को माइनिंग अधिकारों के आवंटन के लिए मौजूदा पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में इन नए नियमों/संशोधनों को जोड़ने/बदलने की आवश्यकता थी.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!

RECOMMENDED