4 महीने के नवजात के दिल में छेद, 2.77 लाख का खर्च, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हुआ फ्री इलाज

पंजाब के अबोहर में 4 महीने की दिलजोत को गंभीर बीमारी थी. नवजात के दिल में छेद था. फैमिली मासूम की सेहत से लेकर उसके इलाज में हो रहे खर्च की भी चिंता थी. दिलजोत के इलाज में 2.77 लाख रुपए खर्च आया. लेकिन पूरा इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर हो गया.

Punjab News
gnttv.com
  • चंडीगढ़,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:19 PM IST

पंजाब के अबोहर में रशप्रीत कौर और भारत कुमार के घर जन्मी 4 महीने की दिलजोत को गंभीर बीमारी थी. इस नवजात को गंभीर संक्रमण और दिल में छेद की समस्या थी, जो जन्म से पहले विकसित होती है. फैमिली उसे इलाज के लिए बठिंडा ले आई. उनका एकमात्र उद्देश्य उसे जीवित रखना था. गहन चिकित्सा का खर्च बहुत भारी था. लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना से मिली मदद के बाद स्थिति संभल गई. दिलजोत को विशेष चिकित्सा देखभाल मिली, जिसमें 24 घंटे निगरानी शामिल थी. उसके परिवार को एक दिन भी पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ी.

इलाज का पूरा खर्च कवर हुआ- पिता
भारत कुमार अबोहर में एक छोटा सैलून चलाते हैं. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मेरी बेटी के दिल में छेद है. उसका इलाज दो अलग-अलग अस्पतालों में हुआ और सेहत कार्ड के तहत 2.77 लाख रुपए का पूरा खर्च कवर हो गया.

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर माँ और नवजात को सालाना 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलता है, चाहे वह सरकारी अस्पताल हो या सूचीबद्ध निजी अस्पताल.

2 महीने में 6 हजार बच्चों का इलाज-
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि हम गाँवों में कार्यक्रम चला रहे हैं, ताकि परिवार समय पर जाँच कराएं और इलाज में देरी न करें. पिछले तीन महीनों में ही 6,000 से अधिक नवजात मामलों का इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत किया गया है. उन्होंने कहा कि यह योजना जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म, संक्रमण और अन्य नवजात जटिलताओं के इलाज में मदद करती है और मातृ व प्रसवोत्तर सेहत सेवाओं को मजबूत बनाती है.

पूरे सूबे में बच्चों का हो रहा फ्री इलाज-
दिलजोत का मामला अकेला नहीं है. बठिंडा के अग्रवाल अस्पताल में एक नवजात का एक लाख रुपए का पूरा इलाज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कवर हुआ. इस मासूम को गंभीर पीलिया के साथ साँस लेने में दिक्कत थी. 

इसी तरह से पटियाला के गढ़ाया गाँव के मनकीरत सिंह को जन्म के कुछ दिनों बाद पीलिया और साँस की समस्या के लिए इलाज की जरूरत थी. उनके पिता बलविंदर सिंह ने कहा कि मेरे बेटे का जन्म 25 मार्च को हुआ था और उसे कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ थीं. हम उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे. लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता हमें इस बात की थी कि हम इलाज का खर्च कैसे उठाएंगे. लेकिन मुख्यमंत्री योजना के तहत इलाज का पूरा खर्च कवर हो गया.

फरीदकोट के कोटकपूरा की बिमला रानी ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया, जिसे नवजात देखभाल की जरूरत थी. उनके परिवार के एक सदस्य के मुताबिक उनका 18 दिन का बच्चा अब सुरक्षित रूप से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज पा रहा है.

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