अहमदाबाद के गीता मंदिर एसटी बस स्टेशन बाजार में स्थित मोबाइल की दुकानों से ब्रांडेड सैमसंग कंपनी के लोगो वाले नकली मोबाइल फोन बेचने के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. एलसीबी (LCB) जोन-6 की टीम ने छापेमारी कर बिना बिल वाले संदिग्ध सैमसंग, नोकिया और जियो कंपनी के 1,034 मोबाइल फोन, लैपटॉप और एक्सेसरीज सहित कुल 7.07 लाख रुपए का माल जब्त किया है. इस मामले में कागडापीठ पुलिस ने गीता मंदिर बाजार के खुदरा विक्रेताओं (रिटेलर्स) और कालूपुर रिलीफ रोड के थोक विक्रेताओं (होलसेलर्स) सहित 14 व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
लगा हुआ था नकली फोन बनाने का प्लांट
अहमदाबाद के गीता मंदिर के पास LCB ज़ोन-6 ने नकली मोबाइल घोटाले का पर्दाफाश किया है. पांच दुकानों और गोदामों पर छापेमारी कर 7 लाख रुपए से अधिक मूल्य के 1,034 डुप्लिकेट सैमसंग, नोकिया और जियो फोन जब्त किए गए.
जब्त किए गए सामान में केवल मोबाइल फोन ही नहीं, बल्कि बिना बिल वाले चार्जर, बैटरी, स्टिकर और अन्य संदिग्ध एक्सेसरीज भी शामिल हैं. पुलिस जांच के दौरान जियो ब्रांड के मोबाइल का एक असेंबलिंग यूनिट भी मिला, जहां अलग-अलग पुर्जों को जोड़कर नकली फोन बनाए जाते थे.
सैमसंग अधिकारियों ने माना कि फोन हैं नकली
डीसीपी भागीरथ गढ़वी ने बताया कि गीता मंदिर मोबाइल बाजार में ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करके नकली मोबाइल बेचे जाने की सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले जांच शुरू की थी. गुरुग्राम की 'रिएक्ट इंडिया प्रा. लि.' और दिल्ली की 'अस्वथ लीगल' की ओर से सैमसंग कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर जांच कराने पर यह स्पष्ट हुआ कि सभी फोन नकली थे और कंपनी की मंजूरी के बिना ट्रेडमार्क-लोगो का दुरुपयोग किया जा रहा था.
गोदामों से मिलें लाखों की कीमत के फोन-लैपटॉप
पुलिस ने गीतामंदिर स्थित 'भोलेनाथ मोबाइल' और 'महावीर मोबाइल' सहित अन्य गोदामों से 6.61 लाख रुपए कीमत के 1,034 मोबाइल तथा लैपटॉप, चार्जर, बैटरी समेत 7.07 लाख रुपये का माल जब्त किया गया था. सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि कुछ स्टिकर में 50-60 मोबाइलों के लिए एक ही IMEI नंबर होने की बात भी सामने आई है. आरोपियों के पास जब्त किए गए मोबाइल फोन का कोई बिल नहीं था.
क्या इस्तेमाल हो रहे फोन साइबर क्राइम के लिए?
पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है. यह नकली मोबाइल फोन का रैकेट कहां से चल रहा था, इसके मुख्य सूत्रधार कौन हैं और सप्लायर कहां से आते हैं, यह जानने के लिए आगे की जांच जारी है. इसके अलावा, पुलिस इस दिशा में भी जांच तेज कर रही है कि क्या इन डुप्लिकेट मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी, म्यूल अकाउंट्स या आतंकवादी गतिविधियों जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों में किया गया है.
बिना बिल खरीदे जाते थे सपलायर से फोन
ग्राहकों को सस्ती कीमत पर मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतना अनिवार्य है, ताकि वे ऐसे घोटालों का शिकार होने से बच सकें. पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ में यह बात सामने आई कि वे कालू पुर रिलीफ रोड स्थित राज कॉम्प्लेक्स और मेट्रो प्लाजा के थोक व्यापारियों से बिना बिल के यह नकली माल लाए थे. मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ ट्रेडमार्क एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.