लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान स्पीच पर विवाद के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में उनको बोलने नहीं दिया गया. विपक्ष के नेता के तौर पर जनता और छात्रों के मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है, लेकिन मेरी बात पूरी नहीं होने दी गई. इसलिए मैं यहां अपनी बात रखने आया हूं.
मैं बीजेपी-आरएसएस से माफी नहीं मांगूंगा- राहुल
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैंने अमित शाह का नाम लिया था. छात्रों पर बर्बरता के लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि संसद से सिर्फ 500 मीटर दूर भारत के बच्चों को मारा गया. उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहता था, लेकिन मुझे इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी और आरएसएस से माफी नहीं मांगूंगा. राहुल ने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाए गए. जिन लोगों ने पैलेट गन चलाई, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
पैलेट गन से गोलियां चलाई गई- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ बर्बरता की गई और उनपर पैलेट गन से गोलियां चलाई गई, जिन्होंने गोलियां चलाई, वे गृह मंत्री अमित शाह को रिपोर्ट करते हैं. एक लड़के को पैलेट गन गली है, जिसकी आंख जाने का खतरा है. मैंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिससे पता चलता है कि उसे पैलेट गन लगी थी. उन्होंने कहा कि शॉक बैटन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ये आइडिया कहां से आया?
मैंने गृह मंत्री को चिट्ठी लिखी थी- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने 25 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले को लेकर चिट्ठी लिखी थी. लेकिन उस चिट्ठी का कोई जवाब नहीं आया. राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री को दिल्ली पुलिस की ओर से लगातार ब्रीफिंग दी जा रही थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद अमित शाह को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से बात करते देखा था. नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर बात है और अगर जानकारी थी तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
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