Monsoon Comeback: देश के 60% हिस्से में बादल छाए, लेकिन दिल्ली-NCR बारिश के लिए क्यों तरस रहा

देश के बड़े हिस्से पर दोबारा बादल छाने और नए मौसम सिस्टम सक्रिय होने से मानसून फिर रफ्तार पकड़ रहा है. हालांकि, दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार बारिश कब शुरू होगी, यह अगले कुछ दिनों में इन सिस्टम की मजबूती पर निर्भर करेगा.

Is monsoon back? Satellites show 50% of India covered in rain clouds
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 17 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:27 PM IST
  • दिल्ली-यूपी में जल्द हो सकती है बारिश
  • मानसून की वापसी के संकेत!

जुलाई की शुरुआत में जोरदार बारिश के बाद उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून अचानक कमजोर पड़ गया था. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश थमने से उमस और गर्मी बढ़ गई. लेकिन अब मौसम का मिजाज फिर बदलता दिख रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों में देश के करीब 50-60% हिस्से पर बादल और एक्टिव वेदर सिस्टम नजर आ रहे हैं. मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के फिर सक्रिय होने से आने वाले दिनों में कई राज्यों में अच्छी बारिश हो सकती है.

देश के कई हिस्सों में फिर बढ़ी बारिश की गतिविधियां
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बना लो प्रेशर एरिया लगातार मजबूत हो रहा है. इसकी वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. साथ ही पश्चिमी हिमालयी राज्यों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है.

दिल्ली और यूपी में कब होगी बारिश?
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश कम होने से तापमान और उमस दोनों बढ़ गए हैं. हालांकि, अब मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे मानसूनी सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा, वैसे-वैसे दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. ऑल इंडिया वेदर के अनुसार, भूमध्य रेखा के पास एक और मौसम प्रणाली सक्रिय हो रही है. अगर यह सिस्टम मजबूत होता है तो 20 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है.

मानसून अचानक कमजोर क्यों पड़ गया था?
9 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच चुका था. इसके बाद उम्मीद थी कि लगातार बारिश होगी, लेकिन 11 जुलाई के आसपास मानसून कमजोर पड़ गया. उस समय सैटेलाइट तस्वीरों में देश के करीब 70 से 80% हिस्से पर बारिश वाले बादल नहीं थे, जिसके कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश लगभग थम गई. इसी वजह से दिल्ली, यूपी और आसपास के क्षेत्रों में फिर से गर्मी और उमस बढ़ने लगी.

अब बारिश बढ़ने की 3 बड़ी वजहें
1. मानसून ट्रफ फिर सक्रिय हुई

मानसून ट्रफ यानी कम दबाव की लंबी पट्टी अब अपनी सामान्य स्थिति में लौट रही है. इसके सक्रिय होने से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो रही हैं.

2. बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी
दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएं बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी लेकर आ रही हैं. यही नमी बादलों का निर्माण कर रही है और कई राज्यों में बारिश बढ़ा रही है.

3. लो प्रेशर और चक्रवाती सिस्टम का असर
पूर्वी और मध्य भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मानसूनी हवाओं को मजबूती दे रहा है. इसका असर आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत तक पहुंच सकता है.

जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, तमिलनाडु में हीटवेव
मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का दूसरा रूप भी देखने को मिल रहा है. जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून पहुंचने के बाद जम्मू-कश्मीर में पिछले 15 दिनों में 16 बार बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. कश्मीर मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. वहीं, तमिलनाडु में बारिश की कमी और अल नीनो के असर के कारण आज भी हीटवेव का अलर्ट जारी है. जुलाई में भी कई इलाकों का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है.

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