Hariyalo Rajasthan: ₹150 का मिलने वाला पौधा यहां सिर्फ 5 रुपए में! मानसून में घर को हरा-भरा बनाने के लिए ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग

राजस्थान सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत सरकारी नर्सरियों में 5 रुपए से कम में पौधे मिल रहे हैं. ऑनलाइन बुकिंग सुविधा भी शुरू की गई है, ताकि ज्यादा लोग पौधारोपण के लिए प्रेरित हों.

प्लांट मेला
रिदम जैन
  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

मानसून के मौसम में प्रदेश को अधिक हरा-भरा बनाने और 'हरियालो राजस्थान' अभियान को गति देने के लिए राजस्थान सरकार की सरकारी नर्सरियों में बेहद रियायती दरों पर पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं. यहां पौधों की शुरुआती कीमत महज 5 से 6 रुपए है, जबकि अधिकांश पौधे 10 रुपए तक में मिल रहे हैं. पौधों की कीमत उनकी प्रजाति के अनुसार तय की गई है.

50 से 60 तरह के पौधे उपलब्ध
सरकारी नर्सरियों में करीब 50 से 60 प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं. इनमें नीम, गुलाब, मोगरा, चंपा, छायादार पेड़, सजावटी पौधे, फूलों की विभिन्न प्रजातियां और औषधीय पौधे शामिल हैं. सरकार की इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना और प्रदेश में हरियाली बढ़ाना है.

कम कीमत के चलते बढ़ी खरीदारों की भीड़
सरकारी नर्सरियों में इन दिनों खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है. लोग एक-दो नहीं, बल्कि 10, 20 या उससे अधिक पौधे एक साथ खरीद रहे हैं. कोई अपने घर और गार्डन की सुंदरता बढ़ाने के लिए पौधे ले रहा है, तो कोई कार्यालयों, संस्थानों और सामुदायिक स्थलों पर पौधारोपण के लिए खरीदारी कर रहा है. कई लोग अपनी जरूरत के अनुसार पहले से पौधों की सूची बनाकर नर्सरी पहुंच रहे हैं.

निजी नर्सरियों के मुकाबले काफी सस्ते पौधे
खरीदारों का कहना है कि जिन पौधों के लिए निजी नर्सरियों में 100 से 150 रुपए तक चुकाने पड़ते हैं, वही पौधे सरकारी नर्सरियों में बेहद कम कीमत पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ मिल रहे हैं. मानसून का मौसम पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. ऐसे में बारिश का दौर बढ़ने के साथ नर्सरियों में खरीदारों की संख्या भी और बढ़ने की उम्मीद है.

ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू
सरकार ने पौधे खरीदने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू की है. इच्छुक खरीदार अपनी पसंद के पौधे और उनकी संख्या ऑनलाइन चुनकर भुगतान कर सकते हैं. ऑर्डर बुक होने के बाद खरीदारों को 15 दिनों का समय दिया जाता है. इस दौरान वे संबंधित सरकारी नर्सरी में जाकर रसीद दिखाकर अपने पौधे प्राप्त कर सकते हैं. इस सुविधा से लोगों को बार-बार नर्सरी जाने की जरूरत नहीं पड़ती और वे अपनी सुविधा के अनुसार पौधे ले सकते हैं.

पर्यावरण संरक्षण के साथ हरियाली बढ़ाने की पहल
सरकार की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आम लोगों को बेहद कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराकर 'हरियालो राजस्थान' अभियान को भी मजबूत बना रही है. मानसून के इस मौसम में अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
 

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