Advertisement

बहन की शादी के लिए कर्ज, मां बीमार, टीचर की नौकरी छोड़ी... नियुक्तियां रद्द होने से सड़क पर आने वालों का दर्द

रांची में प्रदर्शन के बाद झारखंड में TDPL समेत कई दूसरी परीक्षाओं को रद्द कर दी गई है. नौकरी करने वाले कई उम्मीदवारों का भविष्य अंधकार में फंस गया है. किसी ने बहन की शादी के लिए कर्ज लिया है तो किसी की मां बीमार है. कोई नौकरी छोड़कर आया था. अब इन सबको कुछ समझ नहीं आ रहा है.

Ranchi News
सत्यजीत कुमार
  • रांची,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST

रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के प्रदर्शन के बाद झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने TDPL समेत कई दूसरी परीक्षाओं को रद्द कर दिया. सरकार ने परीक्षाएं रद्द किए जाने की अधिसूचना भी जारी कर दी है. लेकिन अब परीक्षाओं में पास हुए अभ्यर्थी सड़क पर उतर गए हैं. झारखंड मंत्रालय के बाहर सरकार द्वारा TDPL समेत अन्य परीक्षाओं के रद्द किए जाने के अधिसूचना के बाद माहौल बिल्कुल गमगीन है.

पास अभ्यर्थियों का रो रोहकर बुरा हाल
एक उम्मीदवार मनीषा का रो रो कर बुरा हाल है. पहले स्टेशन मास्टर के पद पर रेलवे में नियुक्ति मिली थी. वहां से नौकरी छोड़कर आई. मनीषा हमारी टीम के कैमरे के सामने ही बेहोश होकर गिर पड़ी. उनको दोस्तों ने संभालने की कोशिश की. इनका महिला सुपरवाइजर में भी नियुक्ति मिली थी. फिलहाल ASO वित्त विभाग में हैं. मनीषा हजारीबाग की रहने वाली हैं. 15दिनों से तनाव में थी. कर्नाटक में नौकरी में थी. ट्रेनिंग कर रही हैं. मानसिक तनाव इसलिए भी कि आरोप गड़बड़ी के लगे थे. यानी कलंक लगे थे. ब उसे मिटाना है. इळ्जाम और कलंक को झेलने में मुश्किल है.

भीड़तंत्र में आगे झुक गई सरकार- उम्मीदवार
एक उम्मीदवार का कहना है कि प्रतिभा रो रही है और भीड़तंत्र के दबाव में सरकार झुक रही है. गुड्डू कुमार राय साहेबगंज से हैं और पुलिस मुख्यालय में कार्यरत थे. सहायक प्रशाखा अधिकारी थे. लेकिन अब उसी दफ्तर में नहीं घुसने दिया जा रहा है. भारतीय रेल में सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर की नौकरी छोड़कर आए थे. शादी हो गई है. कोर्ट ने कहा था, जिसके खिलाफ सबूत होंगे, उन्हीं को नौकरी से निकाला जाएगा. ये कोर्ट की अवमानना है.

नौकरी छोड़कर बने थे अधिकारी- उम्मीदवार
एक  उम्मीदवार पहले 2014 से ही  शिक्षक थे. लेकिन नौकरी छोड़कर ग्रामीण विकास विभाग में सहायक प्रशाखा अधिकारी बने थे. ये सोचकर कि ये नौकरी को मिनी IAS कहा जाता है. अब तक सड़क पर हैं.

बहन की शादी के  लिए लिया कर्ज- उम्मीदवार
श्याम सुंदर मंडल कहते है कि वो भी रेलवे में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट थे. यहां एग्जाम दिया कि रांची में रहेंगे, लेकिन अब तो कहीं नहीं है. सबको नौकरी से निकाला जाएगा. शादी हुई है, लेकिन आगे पूरी जिंदगी है, पूरे परिवार का बोझ है, कैसे जीवन चलेगा, पता नहीं. बहन की शादी के लिए कर्ज भी ले रखा है. कोर्ट के शरण में जाएंगे.

मां को नहीं बता सकता नौकरी चली गई- विकास
हज़ारीबगा के विकास कुमार की भी कहानी मिलती जुलती है. ये लेबर इन्फोर्समेंट ऑफिसर थे. इनकी माँ की तबियत खराब रहती है. लिहाजा मां को नौकरी जाने की बात बताई ही नहीं है. अगर उन्हें पता चला तो सदमा लगेगा. हार्ट अटैक भी आ सकता है. उसकी जिम्मेवारी क्या सरकार लेगी?

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement