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दिल्ली में कुत्ता पालने वालों के लिए MCD ने सख्त किए नियम...कहा डॉग रजिस्ट्रेशन करवा लें नहीं तो लिया जाएगा एक्शन

पिछले कुछ दिनों में कुत्ते काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दिल्ली नगर निगम ने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराने का फैसला लिया है. वहीं ऐसा ना करने पर मालिक पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है.

Dog Registration in Delhi
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST
  • सामने आए कई मामले
  • MCD ने सख्त किए नियम

कुत्ता काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दिल्ली नहर निगम ने नागरिकों के लिए अपने पालतू कुत्ते का तत्काल रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी कर दिया है. इसके अलावा उन्हें चेतावनी दी गई है कि मानदंड का पालन नहीं करने पर उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है.

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में नोएडा, गाजियाबाद और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में कुत्ते के काटने के मामले सामने आए जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया. एमसीडी ने अधिनियम 1957 की धारा 399 के तहत सभी पालतू कुत्तों का निगम पंजीकरण करना अनिवार्य किया है. नियम का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा सार्वजनिक स्थान पर घूमते कुत्ते को जब्त करने के साथ कुत्ते के मालिक पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है.

क्या होगा फायदा?
एमसीडी के पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम में पालतू कुत्तों का नागरिक निकाय में पंजीकरण अनिवार्य है, लेकिन निवासी अपने पालतू जानवरों को पंजीकृत कराने के लिए आगे आने से हिचक रहे हैं. उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पालतू कुत्तों का रेबीज वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण कराया गया है या नहीं. साथ ही पालतू कुत्ते के मालिकों का एक डेटाबेस तैयार होता है. इससे अवैध डॉग ब्रीडिंग नियंत्रित होगी और पंजीकरण संख्या से लापता पालतू कुत्तों का पता लगाने में मदद मिलेगी.

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?
रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आप नागरिक निगम की वेबसाइट mcdonline.nic पर उपलब्ध आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी भरकर फॉर्म जमा कर पंजीकरण करा सकते हैं. पंजीकरण के लिए एंटी-रेबीज टीकाकरण प्रमाण पत्र, कुत्ते की एक तस्वीर, निवास प्रमाण और मालिक का पहचान प्रमाण जमा कराना होता है.

सामने आए कई मामले
बता दें कि लखनऊ में पिटबुल के काटने के बाद से मालिक की हुई मौत के बाद से कुत्ते काटने के कई मामले सामने आए. बीते दिनों गाजियाबाद के संजय नगर इलाके में एक 10 साल  के बच्चे पर पिटबुल ने हमला कर दिया जिससे वो बुरी तरह घायल हो गया. डॉक्टर्स को बच्चे के चेहरे पर 150 से ज्यादा टांके लगाने पड़े थे. ऐसा ही एक मामला शहर के चार्ल्स कैसल सोसायटी से आया, जहां लिफ्ट मे कुत्ते ने एक स्कूली बच्चे को काट लिया था. यहां सबसे हैरानी वाली बात ये हुई कि कुत्ते के काटने के बाद बच्चा बुरी तरह चिल्ला रहा था जबकि पास खड़ी मालिक चुपचाप देख रही थी.


 

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