शादी के लिए दुल्हन की तलाश कर रहे गुजरात के एक युवक को नागपुर बुलाकर एक लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह ने 70 हजार रुपए और सोने-चांदी के लाखों रुपए गहनों की ठगी कर ली. इस सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है.
ठगी का शिकार हुए युवक का नाम आकाश जितेंद्र पारेख (31 वर्ष), निवासी भावनगर, गुजरात है. वह कई दिनों से विवाह के लिए लड़की की तलाश कर रहा था. शादी तय नहीं होने पर उसने नागपुर में रहने वाले एक मित्र से संपर्क किया. मित्र ने उपयुक्त लड़की होने की बात कहकर उसे मिलने के लिए नागपुर बुलाया. शहर के एक अस्पताल के पास आकाश की मुलाकात रानी उर्फ कोमल पांडे से कराई गई. रानी ने उसे नम्रता मालवीय (21 वर्ष) की तस्वीर दिखाते हुए बताया कि यही दुल्हन है.
तस्वीर पसंद आने पर मिलने की जताई इच्छा
तस्वीर पसंद आने पर आकाश ने उससे मिलने की इच्छा जताई. इसके बाद गिरोह के सदस्य उसे नागपुर के कोराडी स्थित एक घर में ले गए, जहां नम्रता से उसकी मुलाकात कराई गई. वहां मौजूद कथित रिश्तेदारों ने जल्द शादी कराने की बात कहकर शादी के खर्च के नाम पर 70 हजार रुपए नकद और दुल्हन के लिए सोने-चांदी के गहनों की मांग की. आकाश ने एटीएम से 70 हजार रुपए निकालकर उन्हें दे दिए. इसके बाद शादी की तारीख तय करने की बात कही गई.
और कर ली ठगी
नकद रकम और गहने लेने के बाद गिरोह ने कोराडी के बजाय सीताबर्डी में मंदिर में शादी करने का प्रस्ताव रखा. योजना के अनुसार सभी लोग सीताबर्डी पहुंचे. तभी अचानक एक अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचा और खुद को नम्रता का पति बताते हुए आकाश से बहस करने लगा. उसने कहा कि नम्रता उसकी पत्नी है और उसके वैवाहिक जीवन में दखल न दे. इस घटना से वहां बड़ा हंगामा मच गया. अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने पर आकाश पारेख ने तहसील पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि फर्जी दुल्हन की भूमिका निभाने वाली नम्रता मालवीय पहले भी ऐसे मामलों में गिरफ्तार हो चुकी है. पुलिस जांच में गिरोह की मुख्य साजिशकर्ता रानी पांडे का नाम सामने आया. पुलिस ने सूचना के आधार पर पाचपावली क्षेत्र से रानी पांडे को गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.