देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है सिर्फ उन को तराशने की जरूरत है. रोहतक जिले के सांपला कस्बे में ऐसी ही एक 7 साल की खिलाड़ी दिशी वशिष्ठ है, जिसने राजस्थान की बाल धाविका पूजा बिश्नोई के रिकॉर्ड को तोड़ने का दावा किया है. जिस तरह का जज्बा व आत्मविश्वास दिशा के अंदर है उसे पूरी उम्मीद है कि वह इस रिकॉर्ड को तोड़कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लेगी. पिता ने भी जब अपनी बेटी के कदमों को तेजी से भागते देखा तो मेहनत करानी शुरू कर दी. दिशी ने भी मन में सपना संजो लिया है कि वह एक दिन देश के लिए गोल्ड मेडल जरूर जीतकर लेकर आएगी.
सुबह 5 बजे जाती हैं स्टेडियम
सांपला के रहने वाले दिनेश ने जब अपनी बेटी को गली में बच्चों के साथ भागते देखा तो उनके मन में एक सपना घर कर गया. दिशी को भागते देखकर उन्हें लगा कि वो एक अच्छी धावक बन सकती है. इसके लिए पिता दिनेश और दिशी ने मेहनत शुरू कर दी. दिनेश सुबह ही बेटी दिशी को सुबह 5:00 बजे स्टेडियम लेकर पहुंच जाते हैं. दिशी पहले वार्मअप करती हैं और फिर दौड़ लगाती हैं. दिशी भी यह करके बहुत खुश हैं. शुरुआत में तो सिर्फ दौड़ लगाना ही लक्ष्य था, लेकिन जब पिता दिनेश ने राजस्थान की बाल धाविका पूजा बिश्नोई का वीडियो दिशी को दिखाया तो दिशी ने भी पूजा बिश्नोई के रिकॉर्ड तोड़ने का सपना संजो लिया.
मिल्खा सिंह को करती हैं पसंद
पूजा बिश्नोई ने 8 साल की उम्र में 3 किलोमीटर की दौड़ 12 मिनट 50 सेकेंड में पूरी कर अंडर 10 विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है. अब दिशी इस रिकॉर्ड को तोड़ने का दावा कर रही है और दिशी का कहना है कि वह 3 किलोमीटर की रेस 12 मिनट 4 सेकेंड में पूरी करके पूजा बिश्नोई का रिकॉर्ड तोड़ देगी. दिशी ने कहा कि भाग मिल्खा भाग फिल्म उन्हें काफी पसंद है और वे मिल्खा सिंह, उसैन बोल्ट तथा पीटी उषा को अपना आदर्श मानती हैं और 1 दिन उनके जैसी ही खिलाड़ी बनकर देश के लिए मेडल लेकर आना चाहती हैं.
लिम्का बुक में दर्ज कराना चाहती हैं नाम
दिशा के पास अभी ऐसा कोई प्रोफेशनल कोच नहीं है, जो उनको दौड़ के बारे में बेहतर ट्रेनिंग दे सके. अगर उन्हें इस तरीके की सुविधा मिल जाए तो उनकी बेटी एक अच्छी खिलाड़ी बनकर देश का नाम रोशन कर सकती है. जिस तरीके से उनकी बेटी मेहनत कर रही है, उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह पूजा बिश्नोई का रिकॉर्ड जरूर तोड़ देगी. दिशी के पिता ने दावा किया कि दिशी 3 किलोमीटर की रेस को 12 मिनट 4 सेकंड में पूरा कर देगी. इसके लिए हालांकि उन्होंने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम से भी संपर्क करने का प्रयास किया. लेकिन अभी तक उनका संपर्क नहीं हो पाया है. उनका कहना है कि अगर बेहतर सुविधाएं मिली तो दिशी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी.
(रोहतक से पवन राठी की रिपोर्ट)