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सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगे बैन का उल्लंघन करने वालों से बेंगलुरु में वसूले गए जुर्माने के रूप में 1 करोड़ रु, साल 2019 से है नियम लागू

Single Use Plastic Ban: कर्नाटक में 2016 में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया था. अब हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में ₹1.14 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के रूप में ली गई है. बता दें, सरकार ने 1 जुलाई से पूरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया है. इसमें सरकार ने 19 सामानों की लिस्ट जारी की है, जिनके ऊपर सख्ती से बैन लगाया गया है.

Single use plastic
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 4:08 PM IST
  • भारत में 1 जुलाई से है सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन 
  • कर्नाटक में 2016 में लगा था सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध

भारत  के अलग अलग शहरों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाया गया है. अब इसी कड़ी में बेंगलुरु से ₹1.14 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने के रूप में ली गई है. डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, शहर में ये फाइन सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने वाले लोगों से वसूली गई है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये जुर्माना सितंबर 2019 से जून 2022 के बीच वसूला गया है. 

भारत में 1 जुलाई से है सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन 

बताते चलें कि भारत सरकार ने 1 जुलाई से सभी सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की गई थी. इसके बाद, से ही शहरों में नागरिक निकायों ने इस अभियान को तेज कर दिया है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अकेले शनिवार को, बीबीएमपी ने शहर के 98 स्थानों से 122.3 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त की है. साथ ही उसी दिन 77,100 रुपये जुर्माने के रूप में  इकठ्ठा किए गए हैं. उल्लंघन करने वालों में निर्माता, खुदरा विक्रेता और छोटे व्यापारी शामिल हैं जो अपने दैनिक व्यापार के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर निर्भर हैं.

नगर निकायों को करना चाहिए स्क्रैप डीलरों को जागरूक

पॉलिमर वैज्ञानिक विजय जी हब्बू ने शनिवार को समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि नगर निकायों को शहरों में स्क्रैप डीलरों को सीधे घरों से प्लास्टिक खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना शुरू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने 19 सामानों की लिस्ट जारी की है, जिनके ऊपर सख्ती से बैन लगाया गया है. इन 19 वस्तुओं में इयर बड्स, प्लास्टिक प्लेट, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए थरमाकोल, कप, ग्लास, कटलरी जैसे फॉर्क, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, रैपिंग और पैकिजिंग फिल्म, इनविटेशन कार्ड, सिगरेट पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर जो 100 माइक्रोन से कम के हों. 

कर्नाटक में 2016 में लगा था सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध

गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने पहली बार मार्च 2016 में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया था और बीबीएमपी को प्रतिबंध लागू करने का आदेश दिया गया था.

इससे पहले 2019 में, जयनगर की विधायक सौम्या रेड्डी ने आरोप लगाया था कि सिंगल यूज प्लास्टिक दूसरे राज्यों से ले जाया जा रहा था, इसलिए इसे लागू करना एक कठिन काम था. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था, “हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि निर्माताओं को भी रोका जाए. इनमें से कुछ प्रतिबंधित सामान दूसरे राज्यों से सीमा के रास्ते आते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से आग्रह है कि वे पूरे देश में प्लास्टिक प्रतिबंध लागू करें. ताकि हमारे आसपास के शहर स्वच्छ हो सकें. 
 


 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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