स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त नजदीक आते ही देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं. उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे सहारनपुर में भी आजादी के पर्व को लेकर उत्साह नजर आ रहा है. इस बार ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ के तहत सहारनपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जनपदों को तिरंगे के रंग में रंगने की तैयारी की जा रही है. इसी कड़ी में समूह की महिलाएं दिन-रात मेहनत कर तिरंगे तैयार करने में जुटी हुई हैं.
10 समूहों को 25 हजार तिरंगे बनाने का लक्ष्य-
सहारनपुर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को तिरंगे बनाने का जिम्मा दिया गया है. महिलाएं लगातार सिलाई और पैकिंग के काम में जुटी हैं, ताकि समय से अधिक से अधिक तिरंगे तैयार किए जा सकें. जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को मिले लक्ष्य के तहत करीब 25 हजार तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं. इस काम में करीब 10 समूहों की महिलाएं लगी हुई हैं. महिलाओं को प्रत्येक तिरंगे के हिसाब से 20 रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार और अतिरिक्त आमदनी का साधन भी मिल रहा है.
घर-घर पहुंचाया जाएगा तिरंगा-
प्रेरणा क्षेत्र स्तरीय समिति की पूनम यादव ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत समूह की महिलाओं को तिरंगे बनाने का काम दिया गया है. महिलाओं को अलग-अलग समूहों के माध्यम से काम बांटा गया है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके. तैयार किए जा रहे तिरंगे नगर निगम के माध्यम से लोगों तक पहुंचाए जाएंगे और स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर तिरंगा फहराया जाएगा. इसके अलावा पार्षदों और दुकानदारों की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त ऑर्डर भी समूह की महिलाएं पूरा कर रही हैं. महिलाओं का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के लिए तिरंगा तैयार करना उनके लिए रोजगार के साथ-साथ देशसेवा का भी अवसर है.
सहारनपुर में 2 लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य-
मुख्य विकास अधिकारी सुमित राकेश महाजन ने बताया कि ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत सहारनपुर जनपद को दो लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य मिला है. लक्ष्य के तहत तिरंगे तैयार होने के बाद उनके वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों तक तिरंगे पहुंचाए जा रहे हैं, वहीं नगर क्षेत्र में भी वितरण किया जा रहा है. 7 अगस्त से 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम और तिरंगा यात्राएं आयोजित की जा रही हैं. अभियान का उद्देश्य सिर्फ घरों पर तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि लोगों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना है.
ये भी पढ़ें: