शायान मसूद सहारनपुर की सियासत में एक ऐसे युवा चेहरे हैं, जिनकी राजनीतिक पहचान दो प्रभावशाली परिवारों से जुड़ती है. वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और सहारनपुर के दिग्गज नेता रहे काजी रशीद मसूद के पौत्र और शाजान मसूद के बेटे हैं. वहीं पारिवारिक रिश्ते के लिहाज से वह कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद हैं. इस तरह शायान का रिश्ता सहारनपुर के उस राजनीतिक परिवार से है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है.
शायान के दादा बड़े सियासी चेहरे-
शायान मसूद की राजनीति की शुरुआत किसी बाहरी राजनीतिक मंच से नहीं, बल्कि अपने परिवार की सियासी विरासत के बीच हुई. उनके दादा काजी रशीद मसूद लंबे समय तक सहारनपुर की राजनीति के बड़े चेहरों में रहे, जबकि उनके पिता शाजान मसूद भी सक्रिय राजनीति से जुड़े रहे हैं. शायान को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी मिल चुकी है. इसके बाद वह स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय दिखाई देते रहे और अधिकारियों के साथ जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहे.
इमरान मसूद के दामाद हैं शायान-
शायान मसूद का इमरान मसूद के परिवार से रिश्ता राजनीतिक तौर पर भी खास महत्व रखता है. काजी रशीद मसूद और इमरान मसूद रिश्ते में चाचा-भतीजे थे और दोनों परिवारों के बीच एक दौर में राजनीतिक दूरी भी रही. बाद में दोनों परिवारों के रिश्ते मजबूत हुए और शायान की शादी इमरान मसूद की बेटी से हुई. इस रिश्ते के बाद शायान एक तरफ काजी रशीद मसूद की राजनीतिक विरासत से जुड़े रहे तो दूसरी तरफ इमरान मसूद के परिवार का हिस्सा भी बन गए.
कांग्रेस में भी एक्टिव रहे शायान-
राजनीतिक सक्रियता के दौरान शायान मसूद कांग्रेस से भी जुड़े रहे. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने ससुर इमरान मसूद के पक्ष में चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई. सहारनपुर में इमरान मसूद के चुनाव अभियान के दौरान शायान की मौजूदगी और जनसंपर्क को भी देखा गया. इस दौर में उनकी पहचान इमरान मसूद के परिवार के सदस्य के साथ-साथ कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में मजबूत हुई.
शायान की सियासत में बदलाव का दौर-
अब अगस्त 2026 में शायान मसूद का राजनीतिक सफर एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है. 20 अगस्त 2026 को उन्होंने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया. लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. शायान अपने पिता शाजान मसूद के साथ लखनऊ पहुंचे थे. यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुछ समय पहले इमरान मसूद ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपने परिवार के किसी सदस्य को चुनाव नहीं लड़ाने की बात कही थी. इसके बाद शायान के कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज हुई थीं और आखिरकार उन्होंने सपा में प्रवेश कर लिया.
चुनाव लड़ेंगे शायान मसूद?
सपा में शामिल होने के बाद शायान मसूद की भूमिका को लेकर सहारनपुर की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उनके विधानसभा मे संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा भी सामने आई है, हालांकि अभी इसे आधिकारिक टिकट नहीं माना जा सकता. सपा में शामिल होने के बाद शायान ने इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को निशाना बनाने से विपक्षी एकता को नुकसान तथा बीजेपी को फायदा हो सकता है. ऐसे में शायान मसूद अब सिर्फ इमरान मसूद के दामाद नहीं, बल्कि अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने वाले नेता के रूप में देखे जा रहे हैं.
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