Samastipur News: बेटे की चाहत ने एक महिला को पहुंचाया जेल, जानें आखिर क्या है पूरा मामला?

बेटे की चाहत में एक महिला जेल पहुंच गई है. दरअसल, इस महिला ने बच्चा खरीदने के लिए 3 लाख 80 हजार रुपए में सौदा तय किया था. बच्चा चोर का गिरोह ने महिला को बच्चा देने के लिए एक 8 माह के बच्चे को चुरा भी लिया था लेकिन जीआरपी थाने की पुलिस ने सारण जिले से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया. यहां आप जान सकते हैं पूरा मामला.  

Police Recovered the Stolen Child
जहांगीर आलम
  • समस्तीपुर ,
  • 27 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:30 PM IST

बेटे की चाहत ने एक महिला को एक ओर जहां सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, वहीं बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है. पुलिस गिरफ्त में आई महिला ने बेटा पाने के लिए 3 लाख 80 हजार में सौदा तय किया था लेकिन पुलिस महिला के मंशा पर पानी फेर दिया है. पूरा मामला समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है.

बता दें कि 14 जून 26 की सुबह कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर खजूरी निवासी रंजीत राय पत्नी और आठ माह के बेटे के साथ समस्तीपुर स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे. रंजीत को परिवार के साथ हैदराबाद जाना था और ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर बैठा था. इस बीच यात्री के ही भेष में सन्नी साहनी और शांति देवी हैदराबाद जाने की बात कह कर रंजीत और उसकी पत्नी से बातचीत शुरू कर दी. धीर-धीरे उन्हें पूरी तरह अपने विश्वास में ले लिया. बातचीत के क्रम में सन्नी साहनी ने उक्त दंपती को झांसा दिया कि हैदराबाद जाने वाली ट्रेन में काफी भीड़ है इसलिए उसमें चढ़ पाना बड़ा मुश्किल होगा. इस दरम्यान 8 माह का बच्चा सो गया. रंजीत किसी काम से स्टेशन के बाहर चला गया. मौके का फायदा उठाकर सन्नी साहनी बच्चे की मां को पति को खोजने के बहाने स्टेशन से दूर ले गया. फिर क्या था शांति देवी प्लेटफॉर्म पर सो रहे बच्चे को गोद में उठाकर चंपत हो गई. जब दंपति प्लेटफॉर्म पर पहुंचे तो उनका सो रहा बेटा गायब मिला. इसके बाद तो रंजीत और उसके पत्नी के होश उड़ गए. शांति देवी और सन्नी साहनी भी नहीं दिखाई दिए. मामला जीआरपी थाना पहुंचा. यहां गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस जांच में जुट गई.

सीसीटीवी फुटेज में मिले सुराग से हुई बरामदगी 
जीआरपी थाने की पुलिस ने बच्चें की बरामदगी को लेकर एक स्पेशल टीम का गठन कर दिया. टीम में शामिल पुलिस सबसे पहले समस्तीपुर स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला शुरू किया तो पता चला कि शांति देवी बच्चें को गोद मे लेकर मुजफ्फरपुर को जाने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेन में बैठ गई है. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन तकनीकी अनुसंधान के आधार पर छापेमारी शुरू की. समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और सारण जिले के कई जगहों पर छापेमारी की.

इस तरह से पुलिस बच्चा चोर गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में कामयाब हो गई. बच्चा चुराने वाली शांति देवी जो मोतिहारी जिले के कजराहन की रहने वाली है, उसको गिरफ्तार कर लिया गया. फिर मोतिहारी जिले के ही मधुबन थाना क्षेत्र के हरिनारायणपुर मुजाहिदा वार्ड-4 का रहने वाला सन्नी साहनी, राजेपुर थाना क्षेत्र के काशी पकड़ी के रहने वाले तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर सुनील कुमार और मेहसी थाना क्षेत्र के फुलकारिया के रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर विकास कुमार को जीआरपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इन लोगों के निशानदेही पर पुलिस ने बच्चा खरीदने वाली सारण जिले के चैनपुर तरैया की रहने वाली सुमन देवी को पकड़ कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया.

इतने लाख में तय हुआ था सौदा 
सारण जिले की रहने वाली सुमन देवी को बेटे की चाहत थी लेकिन उसका अरमान पूरा नहीं हो पा रहा था. इस बीच सुमन ने इसका जिक्र झोलाछाप डॉक्टर विकास कुमार से की. फिर क्या था उसने उसे बेटा लाकर देने को लेकर सुमन से 3 लाख 80 हजार रुपए में सौदा तय किया. इसके बाद झोलाछाप डॉक्टर सुनील कुमार से विकास ने एक बेटा लाने को लेकर प्लान तैयार किया. इसी प्लान के तहत सन्नी और शांति देवी को बच्चा चोरी करने के लिए लगाया गया. ये दोनों समस्तीपुर पहुंच गए. जहां इन्हें मौका मिल गया और बच्चे का चोरी कर परीक्षा स्पेशल ट्रेन से पहले मुजफ्फरपुर पहुंचे.

फिर मेहसी पहुंच गए. सन्नी ने शांति देवी से बच्चा लिया और उसे झोलाछाप डॉक्टर सुनील कुमार के घर पहुंचा दिया. सुनील कुमार ने बच्चें को रातभर अपने घर में ही रखा. फिर अगले दिन सुनील कुमार ने बच्चे को विकास कुमार के सुपुर्द कर दिया. इसके बाद झोलाछाप डॉक्टर विकास कुमार बच्चें को लेकर सारण जिले की रहने वाली सुमन देवी के हवाले कर दिया. तय रकम के अनुसार सुमन देवी ने विकास को 3 लाख 80 हजार रुपए दे दिए. जिसमें से 10 हजार रुपए बच्चा चोरी करने वाली शांति देवी को मिला. सन्नी को 1 लाख 30 हजार रुपए मिले. बांकी बचे रकम को दोनों झोलाछाप डॉक्टरों ने आपस मे बांट लिया. अपने बच्चे को गोद में पाते ही दंपति के चेहरे खिल उठे. दोनों ने पुलिस का आभार जताया.

 

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