संभल में विकास कार्यों की रफ्तार और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर जांचने पहुंचीं मुरादाबाद मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह का अलग अंदाज देखने को मिला. एक तरफ उन्होंने 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग और प्राचीन तीर्थों के विकास कार्यों का जायजा लिया. वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं से हिंदी और उर्दू के अक्षर पूछकर उनकी पढ़ाई भी परखी. छात्राओं के सही जवाब देने पर कमिश्नर ने उनसे हाथ मिलाकर हौसला बढ़ाया और सेहत का ध्यान रखने के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी.
छात्राओं से हिंदी-उर्दू के अक्षर पूछे
मुरादाबाद मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह संभल जिले के दौरे पर पहुंचीं. इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी और बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. कमिश्नर ने शेर खा सराय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया. विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने उनका स्वागत किया. इसके बाद कमिश्नर सीधे क्लासरूम में पहुंचीं और बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली. उन्होंने एक छात्रा को बुलाकर हिंदी वर्णमाला के अक्षर सुनाने को कहा. इसके बाद उर्दू पढ़ने वाली छात्रा से भी उर्दू वर्णमाला के अक्षरों के बारे में पूछा.
छात्राओं के जवाब से कमिश्नर संतुष्ट नजर आईं. उन्होंने छात्राओं से हाथ मिलाकर उनका हौसला बढ़ाया. इस दौरान उन्होंने बच्चियों को पढ़ाई के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखने की भी सलाह दी.
कमिश्नर ने बच्चियों को जिम जाने की दी सलाह
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने छात्राओं से कहा कि अब उनका जिम भी शुरू हो चुका है. ऐसे में वे समय से जिम जाएं, अपनी सेहत बनाएं, खुश रहें और जीवन में खूब आगे बढ़ें. कमिश्नर ने बच्चों से बातचीत कर स्कूल में पढ़ाई और दूसरी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया.
400 करोड़ से बनेगा 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग
स्कूल के निरीक्षण से पहले कमिश्नर ने संभल में प्राचीन तीर्थों के विकास कार्यों और माहिष्मती नदी को पुनर्जीवित करने के काम की स्थिति देखी. इसके बाद वह वंशगोपाल तीर्थ पहुंचीं, जहां से 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग का निर्माण शुरू होना है. उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य शुरू होने और जमीन अधिग्रहण की स्थिति के बारे में जानकारी ली. इस परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. कमिश्नर संगीता सिंह ने बताया कि परिक्रमा मार्ग से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई है, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें. उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग का काम अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन प्रशासन की कोशिश है कि इसे दिसंबर-जनवरी तक पूरा कर लिया जाए. साथ ही, दीपावली के बाद श्रद्धालुओं के लिए शुरुआती सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
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