Bihar CM: सम्राट चौधरी का राजतिलक आज... बिहार में किस जाति के सीएम ने किया सबसे ज्यादा राज... श्री बाबू से Samrat Chaudhary तक, ये है मुख्यमंत्रियों की पूरी लिस्ट

Samrat Chaudhary: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और तारापुर से विधायक सम्राट चौधरी आज बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. सम्राट चौधरी शपथ लेने के साथ ही बिहार के राजनीतिक इतिहास का नया अध्याय लिख देंगे. वह बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे. बिहार की राजनीति में जाति बहुत मायने रखती है, ऐसे में कोइरी यानी कुशवाहा समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी को सीएम बनाकर बीजेपी ने एक तीर से कई निशाना साधा है. यहां आप जान सकते हैं बिहार में किस जाति के सीएम ने सबसे ज्यादा राज किया है. 

Samrat Chaudhary (Photo: PTI)
मिथिलेश कुमार सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

Bihar Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और तारापुर से विधायक सम्राट चौधरी बुधवार को सुबह करीब 11:00 बजे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.  सम्राट चौधरी शपथ लेने के साथ ही बिहार के राजनीतिक इतिहास का नया अध्याय लिख देंगे, जी हां, वह बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे. राज्य की सत्ता के केंद्र में लगभग दो दशकों तक रहे नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी लेंगे. 

राज्यपाल सैयद अता हसनैन पटना के लोक भवन में आयोजित समारोह में सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. इसके साथ ही बिहार में लंबे समय से चली आ रही 'छोटे भाई' वाली भारतीय जनता पार्टी की छवि अब 'बड़े भाई' में बदल गई है. आपको मालूम हो कि बिहार की राजनीति में जाति बहुत मायने रखती है, ऐसे में कोइरी यानी कुशवाहा समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी को सीएम बनाकर बीजेपी ने एक तीर से कई निशाना साधा है. सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद बिहार ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी ओबीसी समुदाय के लोगों का झुकाव बीजेपी की तरफ होगा. इसका आने वाले चुनावों में बीजेपी को खास लाभ मिलने की संभावना है. हम आज आपको बता रहे हैं कि बिहार में किस जाति के सीएम ने सबसे ज्यादा राज किया है. आपको मालूम हो कि बिहार की राजनीति में समय-समय पर अलग-अलग जातियों का प्रभाव बढ़ता और घटता रहा है, लेकिन जिन जाति के नेताओं को लंबे समय तक शासन करने का मौका मिला, उनकी जाति का राजनीतिक प्रभाव भी उतना ही मजबूत दिखाई देता है. बिहार के सीएम पद पर कुल समय के हिसाब से देखें तो सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री कुर्मी और भूमिहार जाति के रहे हैं. इसके बाद ब्राह्मण और यादव जाति के सीएम का नाम आता है. 

शुरू में सीएम पद पर सवर्ण जातियों का रहा दबदबा 
बिहार की राजनीति में जाति अहम स्थान रखती है. सीएम पद के चुनाव में भी इसका ध्यान रखा जाता है. आजादी के बाद शुरुआती दशकों की बात करें तो सीएम पद पर सवर्ण जातियों का दबदबा देखने को मिला. हालांकि बिहार में मुख्यमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक कुर्मी और भूमिहार जाति के नेताओं ने शासन किया है लेकिन सबसे अधिक बार सीएम बनने की बात आती है तो ब्राह्मण जाति इसमें सबसे ऊपर है. बिंदेश्वरी दूबे, केदार पांडेय, विनोदानंद झा, भागवत झा और जगन्नाथ मिश्रा कुल 5 ब्राह्मण नेता बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं. बिहार में 1960 से 1980 के दशक के बीच कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान ब्राह्मण नेतृत्व का प्रभाव काफी मजबूत था. चाहे प्रशासन हो  या संगठन दोनों जगहों पर ब्राह्मण नेताओं की पकड़ थी. बिहार में राजपूत जाति से भी चार मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह, सत्येंद्र नारायण सिंह, हरिहर सिंह और दीपनारायण सिंह बने हैं. हालांकि ब्राह्मण और अन्य जातियों के सीएम के मुकाबले इनका कार्यकाल छोटा रहा है. 

सीएम पद पर सबसे अधिक समय तक कुर्मी और भूमिहार जाति के रहे नेता 
बिहार में मुख्यमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक किस जाति के नेता रहे तो इसमें कुर्मी और भूमिहार जाति के नेताओं का नाम ऊपर आता है. कुर्मी समाज से आने वाले नीतीश कुमार 19 साल 231 दिन तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. यह बिहार के सीएम के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल माना जाता है. उधर, भूमिहार समाज से आने वाले श्रीकृष्ण सिंह ने लगभग 17 साल 52 दिन तक बिहार के सीएम रहे. नीतीश और श्रीकृष्ण सिंह के लंबे कार्यकाल की वजह से इन दोनों जातियों का कुल शासन समय सबसे अधिक है. 

1990 के बाद यादव समाज का प्रभाव
बिहार की राजनीति में 1990 के बाद यादव समाज का प्रभाव देखने को मिला. लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने मिलकर 14 सालों से अधिक समय तक बिहार की सत्ता संभाली. इनके अलावा दरोगा प्रसाद राय और बीपी मंडल भी यादव जाति मुख्यमंत्री बने. यदि सीएम पद पर यादव जाति के उम्मीदवार रहने की बात करें तो इस जाति का शासन काल लंबा रहा है. 1990 से 2005 तक बिहार में यादव नेतृत्व का प्रभाव सबसे ज्यादा रहा. 

दलित समाज ये बनें बिहार के सीएम 
बिहार में दलित समाज से भी सीएम बने हैं. हालांकि इनका कार्यकाल छोटा रहा है. दलित समाज से भोला पासवान शास्त्री, राम सुंदर दास और जीतन राम मांझी जैसे नेता सीएम बन चुके हैं. कर्पूरी ठाकुर जो नाई समाज से आते थे, वे भी सीएम बिहार के रह चुके हैं. बिहार के अब तक के मुख्यमंत्री और उनका कार्यकाल 
1. श्री कृष्ण सिन्हा: 15 अगस्त 1947 से 31 जनवरी 1961, कार्यकाल 13 साल और 169 दिन
2. दीप नारायण सिंह:    1 फरवरी 1961 से 18 फरवरी 1961,  कुल कार्यकाल 17 दिन
3. बिनोदानंद झा: 18 फरवरी 1961 से 2 अक्टूबर 1963, कार्यकाल 2 साल व 226 दिन
4. कृष्ण बल्लभ सहाय: 2 अक्टूबर 1963 से 5 मार्च 1967, कार्यकाल 3 साल और 154 दिन
5. महामाया प्रसाद सिन्हा: 5 मार्च 1967 से 28 जनवरी 1968, कार्यकाल 329 दिन
6. सतीश प्रसाद सिंह:     28 जनवरी 1968 से 1 फरवरी 1968,    कार्यकाल 4 दिन
7. बीपी मंडल: 1 फरवरी 1968 से 22 मार्च 1968, कार्यकाल 50 दिन
8. भोला पासवान शास्त्री: 22 मार्च 1968 से 29 जून 1968, 99 दिन
9. राष्ट्रपति शासन: 29 जून 1968     से 26 फरवरी 1969    
10. हरिहर सिंह: 26 फरवरी 1969 से 22 जून 1969, कार्यकाल 116 दिन
11. भोला पासवान शास्त्री: 22 जून 1969 से 4 जुलाई 1969, कार्यकाल 12 दिन
12. राष्ट्रपति शासन: 6 जुलाई 1969 से  16 फरवरी 1970    
13. दारोगा प्रसाद राय: 16 फरवरी 1970 से 22 दिसंबर 1970, कार्यकाल 309 दिन
14. कर्पूरी ठाकुर: 22 दिसंबर 1970 से 2 जून 1971, कार्यकाल 162 दिन
15. भोला पासवान शास्त्री: 2 जून 1971 से 9 जनवरी 1972, कार्यकाल 221 दिन
16. राष्ट्रपति शासन: 9 जनवरी 1972 से 19 मार्च 1972    
17. केदार पांडे: 19 मार्च 1972 से 2 जुलाई 1973, कार्यकाल    1 साल व 105 दिन
18. अब्दुल गफूर: 2 जुलाई 1973 से 11 अप्रैल 1975, कार्यकाल 1 साल व 283 दिन
19. जगन्नाथ मिश्र: 11 अप्रैल 1975 से 30 अप्रैल 1977, कार्यकाल 2 साल व 19 दिन
20. राष्ट्रपति शासन: 30 अप्रैल से 24 जून 1977    
21. कर्पूरी ठाकुर: 24 जून 1977  से 21 अप्रैल 1979, कार्यकाल 1 साल व 301 दिन
22. राम सुन्दर दास:    21 अप्रैल 1979 से 17 फरवरी 1980, कार्यकाल 302 दिन
23. राष्ट्रपति शासन: 14 फरवरी से 8 जून 1980    
24. जगन्नाथ मिश्र: 8 जून 1980 से 14 अगस्त 1983, कार्यकाल 3 साल व 67 दिन
25. चन्द्रशेखर सिंह: 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 1985, कार्यकाल     1 साल व 210 दिन
26. बिंदेश्वरी दुबे    : 12 मार्च 1985 से 13 फरवरी 1988, कार्यकाल 2 साल और 338 दिन
27. भागवत झा आजाद: 13 फरवरी 1988 से 10 मार्च 1989, कार्यकाल 1 साल व 25 दिन
28. सत्येन्द्र नारायण सिन्हा:    11 मार्च 1989 से 6 दिसंबर 1989, कार्यकाल 270 दिन
29. जगन्नाथ मिश्र: 6 दिसंबर 1989 से 10 मार्च 1990, कार्यकाल 94 दिन
30. लालू प्रसाद यादव: 10 मार्च 1990 से 28 मार्च 1995, कार्यकाल 5 साल व 18 दिन
31. राष्ट्रपति शासन: 28 मार्च से 4 अप्रैल 1995    
32. लालू प्रसाद यादव: 4 अप्रैल 1995 से 25 जुलाई 1997, कार्यकाल 2 साल व 112 दिन
33. राबड़ी देवी: 25 जुलाई 1997 से 11 फरवरी 1999, कार्यकाल    1 साल व 201 दिन
34. राष्ट्रपति शासन: 11 फरवरी    से 9 मार्च 1999    
35. राबड़ी देवी: 9 मार्च 1999 से 2 मार्च 2000, कार्यकाल 359 दिन
36. नीतीश कुमार: 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000, कार्यकाल 7 दिन
37. राबड़ी देवी: 11 मार्च 2000 से  6 मार्च 2005, कार्यकाल 4 साल व 360 दिन
38. राष्ट्रपति शासन: 7 मार्च से 24 नवंबर 2005    
39. नीतीश कुमार: 24 नवंबर 2005 से 20 मई 2014, कार्यकाल 8 साल व 177 दिन
40. जीतन राम मांझी:     20 मई 2014 से 22 फरवरी 2015, कार्यकाल 278 दिन
41. नीतीश कुमार: 22 फरवरी 2015    से 14 अप्रैल 2026, कार्यकाल 11 साल व 51 दिन
42. सम्राट चौधरी: 15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ

 

Read more!

RECOMMENDED