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दिल्ली-NCR बॉर्डर पर अब स्कूल बस और कैब को नहीं देना होगा टैक्स, उत्तर प्रदेश समेत 4 राज्यों में समझौता 

कंबाइंड रेसिप्रोकाल कॉमन ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट (CRCTA) की जानकारी केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को दी है. मंत्रालय ने बताया कि अब स्कूल-कॉलेजों की बसों और दूसरे वाहनों को रोड टैक्स सहित दूसरे करों में छूट दी जाएगी

Delhi-NCR Borders
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 5:05 PM IST
  • सभी वाहनों में लगेंगे लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन
  • प्रदूषण को कम करने के लिए लिए गया है फैसला 

एनसीआर (NCR) ऑटो-टैक्सी में अब बिना किसी रोक टोक के आ जा सकेंगी. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए सिंगल पॉइंट टैक्सेशन को लेकर एक एग्रीमेंट पर साइन किये हैं. कंबाइंड रेसिप्रोकाल कॉमन ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट (CRCTA) की जानकारी केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को दी है. इसकी जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि अब स्कूल-कॉलेजों की बसों और दूसरे वाहनों को रोड टैक्स सहित दूसरे करों में छूट दी जाएगी

प्रदूषण को कम करने के लिए लिए गया है फैसला 

राज्यों के बीच इस नए एग्रीमेंट में कहा गया है कि एनसीआर में प्रदूषण को कम करने के लिए ये फैसला लिया गया है. इसके अलावा इसमें शैक्षणिक संस्थानों की बसों के लिए भी टैक्स में छूट का प्रावधान है. बता दें, इससे करीब 100 करोड़ रुपये का सालाना भार पड़ेगा. बयान में कहा गया है, ‘इस तरह के एग्रीमेंट से राजस्व हानि सालाना लगभग 100 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.” 

वाहन सॉफ्टवेयर पर जारी होगा लाइसेंस और परमिट   

मंत्रालय ने कहा कि सीआरसीटीए को राज्यों में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा.  साथ ही सभी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े वाहनों और एनसीआर की सिटी बस सेवाओं सहित सभी स्टेज कैरिज बसों को इस समझौते के तहत शामिल किया जाएगा. समझौते के अनुसार, टेम्पररी सहित सभी तरह के परमिट और लाइसेंस केवल वाहन सॉफ्टवेयर पर जारी किए जाएंगे. ये ठीक ऐसा ही होगा जैसा कि समय-समय पर अपडेट किया जाता रहा है.

सभी वाहनों में लगेंगे लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन

स्टेज कैरिज वाहनों के साथ-साथ कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व्हीकल की उम्र डीजल वाहनों के लिए दस साल और पेट्रोल, सीएनजी वाले वाहनों के लिए पंद्रह साल रखी गई है. मंत्रालय के मुताबिक, विशेष रूप से छूट प्राप्त को छोड़कर सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों में अनिवार्य रूप से व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और एक या एक से ज्यादा इमरजेंसी बटन को लगाना जरूरी होगा. 


 

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