मध्य प्रदेश के शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह का तलाक हो गया है. सांसद ने अपने पति नरेंद्र मरावी से तलाक ले लिया है. अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम न्यायालय ने 3 सितंबर को दोनों की सहमति से तलाक की डिक्री पारित की. हिमाद्री सिंह शहडोल से 2 बार की सांसद हैं.
9 साल पहले हुई थी शादी-
23 नवंबर 2017 को अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में दोनों विवाह के बंधन में बंधे थे. लेकिन पिछले 5 सालों से दोनों अलग रह रहे थे. इकलौती हिमाद्री सिंह के साथ रहेगी. हिमाद्री सिंह ने गुजारा भत्ता नहीं मांगा है.
हिमाद्री सिंह कभी इलाके के कद्दावर आदिवासी नेता कांग्रेस के दलवीर सिंह की सुपुत्री हैं. दलवीर सिंह राजीव गांधी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे थे. वहीं, हिमाद्री की मां श्रीमती राजेश नन्दिनी सिंह भी कोतमा से विधायक और शहडोल की सांसद रह चुकी थीं.
माता-पिता का हो चुका है निधन-
हिमाद्री की माता पिता दोनों का देहांत हो चुका है. पूर्व में 2016 में कांग्रेस से सांसद का चुनाव लड़ चुकी हिमाद्री 2019 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई और 2019 और 2024 दोनों के लोकसभा चुनावों में विजयी हुईं.
हिमाद्री की मां से चुनाव हार चुके हैं पति नरेंद्र-
हिमाद्री के पति नरेंद्र सिंह मरावी भाजपा पृष्ठभूमि से आते हैं. 2009 के लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मरावी ने हिमाद्री की मां स्व. राजेश नंदिनी सिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ा था. जिसमें नरेंद्र की हार हुई थी. नरेंद्र मरावी राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रहे. हिमाद्री को कांग्रेस से भाजपा में लाने नरेंद्र मरावी का ही प्रभाव था.
सांसद के साथ रहती है इकलौती बेटी-
दोनों के एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह है जो हिमाद्री के साथ ही रहती हैं. हिमाद्री की शिक्षा दीक्षा दिल्ली में हुई है. उनकी गिनती देश की श्रेष्ठ युवा आदिवासी नेताओं में होती है. अभी हाल ही में उजबेकिस्तान के समरकंद में दुनिया भर के युवा सांसदों के सम्मेलन में हिमाद्री ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था.
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