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दिल्ली की वोटर लिस्ट से 47 लाख नाम कट सकते हैं! 1.45 करोड़ में सिर्फ 97.47 लाख फॉर्म डिजिटाइज, ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं तो ऐसे मिलेगा मौका

अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्रों में भी फॉर्म डिजिटाइजेशन का आंकड़ा अलग-अलग रहा. चांदनी चौक में 61.02% फॉर्म डिजिटाइज हुए, जो इन क्षेत्रों में सबसे कम रहा. वहीं मुस्तफाबाद में 71.91%, मटिया महल में 75.50%, सीलमपुर में 76.63%, बाबरपुर में 73% और बल्लीमारान में 67.35% फॉर्म डिजिटाइज किए गए.

Delhi voters
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे. दिल्ली में कुल करीब 1.45 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 97.47 लाख यानी 67.18% ने ही एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया है. ऐसे में करीब 47 लाख वोटरों के नाम 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होगा. हालांकि, जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं होगा, उनके पास अपना नाम जुड़वाने का मौका रहेगा. इसके लिए 24 अगस्त से 23 सितंबर तक क्लेम और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी. दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को जारी होगी.

BLO ने 97.47 लाख फॉर्म किए डिजिटाइज
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.47 लाख लोगों के एन्यूमरेशन फॉर्म बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने जमा कर डिजिटाइज किए हैं. यानी करीब 67.18% फॉर्म ही प्रक्रिया में शामिल हो पाए हैं. बाकी मतदाताओं के फॉर्म या तो जमा नहीं हुए या उन्हें अनकलेक्टेबल के तौर पर दर्ज किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है जो स्थायी रूप से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं.

रोहिणी में सबसे ज्यादा 83.43% फॉर्म डिजिटाइज
विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों में रोहिणी सबसे आगे रही. यहां कुल 1,50,398 वोटरों में से 1,25,478 के फॉर्म डिजिटाइज किए गए. यानी 83.43% फॉर्म की प्रक्रिया पूरी हुई. वहीं 24,920 फॉर्म अनकलेक्टेबल रहे. इसके बाद शकूरबस्ती में 81.26%, राजौरी गार्डन में 79.14%, मंगोलपुरी में 78.76% और उत्तम नगर में 77.76% फॉर्म डिजिटाइज किए गए.

तुगलकाबाद में सबसे कम डिजिटाइजेशन
तुगलकाबाद में सबसे कम 52.15% फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए. यहां 47.85% फॉर्म अनकलेक्टेबल दर्ज किए गए, जो सभी विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है. ओखला में 54.67%, आरके पुरम में 55.54%, कस्तूरबा नगर में 55.97% और कालकाजी में 57.21% फॉर्म डिजिटाइज हुए.

अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर भी अलग-अलग तस्वीर
अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्रों में भी फॉर्म डिजिटाइजेशन का आंकड़ा अलग-अलग रहा. चांदनी चौक में 61.02% फॉर्म डिजिटाइज हुए, जो इन क्षेत्रों में सबसे कम रहा. वहीं मुस्तफाबाद में 71.91%, मटिया महल में 75.50%, सीलमपुर में 76.63%, बाबरपुर में 73% और बल्लीमारान में 67.35% फॉर्म डिजिटाइज किए गए. जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो आउटर नॉर्थ जिले में सबसे ज्यादा 75.68% फॉर्म डिजिटाइज हुए. साउथ वेस्ट में यह आंकड़ा 73.16% और वेस्ट में 73.29% रहा. इसके मुकाबले साउथ ईस्ट जिले में सबसे कम 56.32% फॉर्म डिजिटाइज हुए. नई दिल्ली में 60.76% और साउथ जिले में 61.32% फॉर्म डिजिटाइजेशन हुआ.

नाम छूटा तो 24 अगस्त से दावा कर सकेंगे
चुनाव अधिकारी के मुताबिक, जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होंगे, उन्हें ASDD यानी अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट, मृत या डुप्लीकेट मतदाता की श्रेणी में नोटिस भेजा जा सकता है. जिन लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है, वे 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच Form 6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने का दावा कर सकेंगे. CEO कार्यालय 24 अगस्त से 22 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा करेगा. इसके बाद 27 अक्टूबर को दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी.

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