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पहाड़ों पर गिरी बर्फ तो ठंडे हुए मैदान, चमोली में जमी पानी की हर एक बूंद

उत्तराखंड के चमोली जिले में पारा माइनस 8 डिग्री पहुंच गया है. हालात ये हैं कि पहाड़ों से गिरने वाले झरनों का पानी भी जम चुका है. चमोली की तस्वीरें बर्फीले मौसम में पहाड़ पर घूमने वालों को आकर्षित कर रही हैं.

चमोली में पानी बना बर्फ
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 17 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST
  • चमोली में पारा माइनस 8 डिग्री पहुंच गया है.
  • अगले 4-5 दिनों में तापमान में गिरावट आएगी.

मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है. पहाड़ों पर बर्फ पड़ रही है. झरने जम रहे हैं जिसका असर मैदानी इलाकों में हो रहा है. पारे ने देश के मैदानी राज्यों में गोते लगाने शुरू कर दिए हैं. ठिठुरन बढ़ने लगी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4-5 दिनों में तापमान में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की जाएगी. मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्य में शीत लहर चलने वाली है. आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR में शीत लहर दस्तक दे सकती है.

उत्तराखंड के चमोली जिले में पारा माइनस 8 डिग्री पहुंच गया है. हालात ये हैं कि पहाड़ों से गिरने वाले झरनों का पानी भी जम चुका है. चमोली की तस्वीरें बर्फीले मौसम में पहाड़ पर घूमने वालों को आकर्षित कर रही हैं. चमोली में भारत चीन सीमा से सटा हुआ नीति घाटी इन दिनों जबरदस्त सर्दी के सितम से जूझ रहा है. जोशीमठ से 66 किलोमीटर दूर मलारी के समीप बूंद बूंद पानी अब पूरी तरह से पाले में बदल गया है. हर तरफ पानी पाले में बदला दिखाई दे रहा है. यहां आलम यह है कि दिन के उजाले में भी तापमान माइनस में पहुंच गया है. 

फ्रीज हो गया पानी

इस समय हालांकि घाटी के लोग शीतकालीन प्रवासों का रुख कर चुके हैं क्योंकि यहां सर्दी बहुत ज्यादा होती है. लेकिन यहां भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान भारत चीन सीमा की सुरक्षा में हर मौसम मैं तैनात हैं. यहां पर रात को तापमान -8 डिग्री से भी नीचे लुढ़क रहा है तो वही दिन के उजाले में भी यहां तापमान -1 से 2 तक लुढ़का हुआ है.

चमोली जिले के नीति घाटी में इन दिनों सर्दी का सितम सातवें आसमान पर पहुंच चुका है. यहां बूंद-बूंद पानी की पूरी तरह से फ्रीज हो चुकी है. यहां मोटे-मोटे पाले पहाड़ों पर लटके हुए दिखाई दे रहे हैं.अमूमन हमेशा बहने वाला पानी इस समय पूरी तरह से जम चुका है. वहीं सड़कों पर पाला जमने के कारण सड़क चलने लायक नहीं रह गई है. मलारी से पहले मार्ग पर ही हर तरफ पानी की बूंद बूंद जम चुकी है और हर तरफ पाला ही पाला नजर आ रहा है.

 

 

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