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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का फाइनल स्पीड ट्रायल हुआ सफल.. गणतंत्र दिवस के मौके पर कश्मीर घाटी जुड़ेगी देश के अन्य हिस्सों से

कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की ओर से उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक पर फाइनल स्पीड ट्रायल किया गया. जो पूरी तरह से सफल रहा. इस दौरान कटरा से बनिहान की दूरी महज 90 मिनट में पूरी कर ली गई. इस सफल ट्रायल के बाद ये चर्चा तेज हो गई है कि गणतंत्र दिवस पर कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से सीधे कनेक्ट हो जाएगी.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच रफ्तार से बातें करती ट्रेन, इस बात का सबूत है कि जल्द ही उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना अपने अंतिम मुकाम पर पहुंचने वाली है. यानी जल्द ही इस रूट पर रेल सेवा बहाल होने वाली है. क्योंकि कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने इस रेल रूट पर अंतिम परीक्षण कर चुके हैं. 

इस ट्रायल के दौरान कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की ट्रेन इस रूट पर पड़ने वाले अहम केबिल ब्रिजों से भी गुजरी ताकि, यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जा सके.

क्या हुआ स्पीड ट्रायल में
इस फाइनल स्पीड ट्रायल से पहले कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी दिनेश चंद देशवाल ने इस रेल रूट पर पड़ने वाले जरूरी प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण भी किया था. और ये भरोसा जताया कि जल्द ही उनकी ओर से तैयार रिपोर्ट के आधार पर उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक, पर रेलवे सेवा बहाल करने का फैसला सरकार करेगी.

गणतंत्र दिवस रहेगा खास
खभर ये भी सामने आई है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक पर रेल सेवा बहाल करने की तैयारी है. जिसके बाद कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से सीधे कनेक्ट हो जाएगी.

चर्चा तो इस बात को लेकर भी है कि रेलवे ने कश्मीर की खूबसूरत वादियों में खास वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की तैयारी कर ली है. खास इसलिए, क्योंकि कश्मीर के मौसम और माहौल को देखते हुए वंदे भारत ट्रेन की खास रैक तैयार की गई है. 

वंदे भारत ट्रेन की खूबी
जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटी में चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड हीटिंग की व्यवस्था होगी. सफर के दौरान स्क्रीन विंडो पर बर्फ नहीं जमेगी. टॉयलेट में हीटर का इंतजाम होगा और गरम पानी की सुविधा मिलेगी.

इतना ही नहीं, हर कोच के लिए 1800 वॉट के सिलिकॉन हीटिंग पैड्स से लैस वॉटर टैंक होंगे. ताकि पानी जमने ना पाए. इसके अलावा लोको-पायलट के लिए भी विशेष सुविधा होगी ताकि बर्फबारी के दौरान ट्रेन चलाने में दिक्कत ना पेश आए.

 

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