सूरत शहर के अश्विनीकुमार थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. ए.के. रोड स्थित रूपम सोसाइटी (विभाग-1) में रहने वाले 36 वर्षीय जतिन जगदीश सोनाणी ने शेयर बाजार में करीब 40 से 50 लाख रुपये का भारी नुकसान होने के बाद अपनी 63 वर्षीय मां भानुबेन की गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने खुद भी पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. इस दोहरे हादसे से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है.
गोद लिए बेटे ने उठाया खौफनाक कदम
मृतक भानुबेन की कोई संतान नहीं थी. भानुबेन के पति जगदीशभाई के छोटे भाई के दो बेटे थे. उनमें से एक बेटे जतिन को, जब उसकी उम्र छह महीने की थी, तभी गोद ले लिया गया था. तभी से जतिन भानुबेन और जगदीशभाई के साथ ही रहता था. वर्ष 2014 में जगदीशभाई की मृत्यु हो गई थी. इसके बाद भानुबेन अपने दत्तक पुत्र जतिन के साथ अकेले रहती थीं. जतिन को शेयर बाजार में निवेश करने की आदत थी. इसी आदत के चलते वह शेयर बाजार में करीब 40 से 50 लाख रुपये हार गया था. कर्ज में डूबे जतिन ने वह कदम उठा लिया, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था. तनाव में आकर उसने गुरुवार सुबह अपनी मां भानुबेन की गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मृतक पुत्र के खिलाफ मां की हत्या का मामला दर्ज किया गया. मौके से अश्विनीकुमार थाना पुलिस को हाथ से लिखा एक पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें जतिन ने आर्थिक तंगी, कर्ज के लेन-देन और परिवार से माफी का जिक्र करते हुए मां की हत्या करने और खुद आत्महत्या करने की बात लिखी थी.
डीसीपी ने बताई घटना की पूरी वजह
इस मामले की जानकारी देते हुए सूरत शहर पुलिस के डीसीपी आलोक कुमार ने आजतक को बताया कि अश्विनीकुमार क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक बेटे ने अपनी मां की हत्या की है. उन्होंने बताया कि भानुबेन सोनाणी और उनके पति जगदीशभाई की कोई संतान नहीं थी. जगदीशभाई के छोटे भाई के दो बेटे थे, जिनमें से छह महीने की उम्र में जतिन को उन्होंने गोद ले लिया था. वर्ष 2014 में जगदीशभाई की मृत्यु के बाद भानुबेन और जतिन साथ रहते थे. डीसीपी के अनुसार, जतिन को पहले से ही शेयर बाजार में निवेश करने की आदत थी और उसे कई बार नुकसान भी हुआ था. इस बार उसे करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जिससे वह आर्थिक तंगी और कर्ज में डूब गया. इसी मानसिक तनाव में उसने पहले अपनी मां का गला दबाकर हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति मध्यमवर्गीय थी. उनका कोई बड़ा कारोबार नहीं था. वे छोटे-मोटे काम-मजदूरी करते थे और शेयर बाजार में होने वाले मुनाफे से भी कुछ कमाई कर लेते थे. घटना की सूचना सबसे पहले फांसी लगाए जाने की पीसीआर कॉल के जरिए मिली थी. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच की तो जतिन के कपड़ों से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें पूरी घटना का जिक्र था. वहीं, भानुबेन का शव बेड पर पड़ा मिला और उनका गला पीछे से किसी रस्सी या कपड़े से दबाया गया था. पुलिस के मुताबिक, पहले इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ दर्ज की गई थी. जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट के आधार पर हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया गया है. हालांकि, आरोपी की भी मौत हो चुकी है, इसलिए जांच पूरी होने के बाद इस मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जाएगी.
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