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Surat News: लोगों के लिए पर्व पर घर जाना बना मुसीबत, ट्रेन के लिए स्टेशन पर उमड़ी भीड़... लेकिन सुविधाओं की कमी को लेकर छलका यात्रियों का दर्द

साल में पर्व के मौके पर जहां लोगों ने स्टेशन पर रुख किया, तो स्टेशन ने भी उन्हें मायूस कर दिया. सुविधाओं की कमी से लेकर ट्रेनों की कमी तक, लोग अनेक परेशानियों से जूझते नजर आए. किसी की ट्रेन निकल गई, तो कोई स्टेशन पर भीड़ को लेकर दर्द बांटता फिर रहा.

पर्व पर घर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करते लोग
संजय सिंह राठौर
  • सूरत,
  • 08 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

दीपावली और छठ महापर्व पर अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले प्रवासी यात्रियों की भारी भीड़ ने सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रेलवे व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है. त्योहारों के मद्देनजर हजारों की संख्या में श्रमिक और अन्य प्रवासी यात्री अपने गांव जाने के लिए स्टेशन पहुंच रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में पर्याप्त सीटें उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्टेशन पर हालात ऐसे हैं कि यात्रियों को टिकट और ट्रेन में जगह पाने के लिए 6 से 8 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है. इसके बावजूद कन्फर्म सीट मिलने की कोई गारंटी नहीं है.

पर्व पर गांव पहुंचने की नहीं कोई गारंटी

उधना रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़ के बीच यात्रियों की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन आते ही उसमें सवार होने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन रही है. कई यात्री ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान गिर भी रहे हैं. सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति जनरल कोचों की है.यात्रियों का आरोप है कि जिस जनरल कोच में लगभग 120 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है, उसमें 500 से 600 यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर भरा जा रहा है. कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती और लोगों को खड़े होकर ही सैकड़ों किलोमीटर का सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

स्टेशन पर मौजूद यात्रियों का कहना है कि हर साल दिवाली और छठ के दौरान सूरत से यूपी-बिहार जाने वाले लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. इसके बावजूद रेलवे की ओर से यात्रियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जाती. परिवार के साथ त्योहार मनाने की उम्मीद लेकर निकले लोग घंटों से स्टेशन पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह तक पता नहीं है कि वे अपने गांव पहुंच भी पाएंगे या नहीं.

एक दिन पहले ही पहुंच गए स्टेशन उम्मीद में

यात्री सचिन राजभर ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उन्हें बनारस जाना है. वह पिछले दिन शाम करीब 6 से 7 बजे ही स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन अब तक उन्हें न तो टिकट मिल पाया है और न ही गांव जाने के लिए कोई उचित व्यवस्था हुई है. वह लगातार लाइन में खड़े हैं, लेकिन घर जाने का कोई साधन नहीं मिल रहा. 

उन्होंने बताया कि ट्रेन में चढ़ने के दौरान कई लोग गिर भी गए. इसके बाद वे वापस आकर लाइन में लग गए, लेकिन अभी तक बनारस जाने के लिए ट्रेन में जगह नहीं मिल पाई है. उन्होंने चिंता जताई कि दिवाली पर परिवार के साथ घर पहुंच पाएंगे या नहीं, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है.

स्टेशन पर सुविधाओं की भारी कमी

एक अन्य यात्री सत्यम तिवारी ने बताया कि वह दोपहर करीब ढाई से तीन बजे से स्टेशन पर खड़े हैं. स्टेशन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं. उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद छठ पूजा का पर्व है और हजारों लोग अपने घर जाने के लिए परेशान हैं. जिस ट्रेन से उन्हें जाना था, वह निकल चुकी है और अब अगली ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है. यहां न तो पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा दिखाई दे रही है और न ही यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नजर आ रही है.

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रेलवे की जिम्मेदारी क्या है? जब हजारों यात्री परेशान हो रहे हैं तो रेलवे प्रशासन क्या कर रहा है? उन्होंने बताया कि उन्हें बनारस जाना है, लेकिन ट्रेन में जगह मिलेगी या नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

रेल प्रशासन दे रहा आश्वासन

यात्रियों की परेशानी और रेलवे की व्यवस्थाओं को लेकर पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने बताया कि यात्रियों की सुविधा पश्चिम रेलवे की प्राथमिकता है. दीपावली और छठ के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए नियमित ट्रेनों के अलावा विशेष ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए कुल 10 ट्रेनें निर्धारित हैं. इनमें से 6 ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं, जबकि 4 ट्रेनों का संचालन होना बाकी है. इन 10 ट्रेनों में 3 नियमित और 7 स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं. इनमें से दो ट्रेनें जयनगर के लिए भी हैं. उन्होंने दावा किया कि अब तक 15 हजार से अधिक यात्री रवाना हो चुके हैं और यात्रियों की संख्या बढ़ने पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा.

 

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