सूरत के पुणा इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां तीन साल पहले हुई एक हत्या के रहस्य को सुलझाने के लिए पुलिस पिछले पांच दिनों से लगातार खुदाई कर रही है. पुलिस ने शव की तलाश में अब तक करीब 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन को 10 फीट तक खोद दिया है, लेकिन अभी तक लाश या कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है.
15 हजार स्क्वायर फीट में खुदाई, फिर भी लाश गायब
पुलिस की ओर से जेसीबी और हिटाची मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर खुदाई करवाई जा रही है. तीन साल पहले दफनाई गई लाश का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ रही है, शव को लेकर रहस्य और गहराता जा रहा है.
नशे में हुई थी दोस्त की बेरहमी से हत्या
कहा जाता है कि पाप चाहे जितना भी गहरा दफनाया जाए, एक न एक दिन सामने जरूर आता है. कुछ ऐसा ही मामला सूरत के पुणा इलाके में देखने को मिल रहा है.
जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल पहले चार नाबालिग दोस्त कैनाल रोड के पास एक खाली जगह पर नशा कर रहे थे. इसी दौरान छोटी सी बात पर झगड़ा शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया. नशे की हालत में तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही चौथे साथी पर भारी वस्तु से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.
अंधेरी रात में दफनाया गया शव
हत्या के बाद तीनों नाबालिगों ने वारदात को छिपाने के लिए उसी जगह गड्ढा खोदा और शव को जमीन में दफना दिया. घटना के बाद तीनों अलग-अलग हो गए, लेकिन आपस में मिलते-जुलते रहे.
तीन साल बाद आरोपी का कबूलनामा
करीब तीन साल बाद, जब ये आरोपी दोबारा मिले, तो आपसी अनबन हो गई. इसी के बाद एक नाबालिग आरोपी ने मृतक के भाई के पास जाकर पूरी सच्चाई बता दी.
उसने कहा कि, “आपका भाई कहीं खोया नहीं है, हमने ही उसकी हत्या की थी और पुणा इलाके में इस जगह उसे दफनाया था.” यह सुनकर मृतक का भाई हैरान रह गया और तुरंत पुणा पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी.
पुलिस ने शुरू की बड़े स्तर पर खुदाई
शिकायत मिलने के बाद पुणा थाना पुलिस ने आरोपी द्वारा बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू करवाई. पिछले पांच दिनों से पांच जेसीबी, एक हिटाची मशीन और कई मजदूर इस काम में लगे हुए हैं.
अब तक 15,000 स्क्वायर फीट से ज्यादा इलाके में 10 फीट से अधिक गहरी खुदाई की जा चुकी है, लेकिन अभी तक न शव मिला है और न ही कोई ठोस सबूत.
डीसीपी आलोक कुमार का बयान
सूरत पुलिस के डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि पुणा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली कि तीन लोगों ने मिलकर एक व्यक्ति की हत्या की और तीन साल पहले उसे जमीन में दफना दिया.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से अलग-अलग तरीकों से पूछताछ कर क्रॉस-वेरिफिकेशन किया. इसके बाद यह भी जांच की गई कि मृतक के नाम से कोई मिसिंग शिकायत दर्ज है या नहीं, लेकिन ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई.
निगरानी में चल रही खुदाई, नई तकनीक का सहारा
डीसीपी ने कहा कि सतर्कता बरतते हुए पुलिस ने उस पूरे इलाके में खुदाई शुरू करवाई है, जहां शव दफनाने की बात कही गई थी. यह खुदाई तहसीलदार, पंच गवाहों, CCTV निगरानी और वीडियोग्राफी की मौजूदगी में की जा रही है.
उन्होंने यह भी बताया कि अब पुलिस नई तकनीकों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है. यदि किसी तरह का कोई सुराग या सबूत मिलता है, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सुलझेगा या और उलझेगा तीन साल पुराना राज?
फिलहाल पुलिस दिन-रात इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है. जमीन के नीचे दबे सच को बाहर लाने की कोशिश जारी है, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली ही हैं.
(रिपोर्ट- संजय सिंह)
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