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Indo-Nepal Exercise: भारत और नेपाल के बीच सूर्य किरण सैन्य अभ्यास, सलझंडी में दोनों देशों की सेनाएं कर रही हैं युद्धाभ्यास

ये 18वां 'सूर्य किरण युद्धाभ्यास' है. ये नेपाल की सलझंडी में हो रहा है. यहां के जंगलों में भारत और नेपाल सेना के जवान अपना रण कौशल दिखा रहे हैं. संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व 11वीं गोरखा राइफल्स कर रही. जबकि, नेपाल सेना की टुकड़ी का नेतृत्व 'श्रीजंग बटालियन' के हाथ है.

India-Nepal exercise
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 12:49 PM IST
  • भारत और नेपाल कर रहे हैं युद्धाभ्यास 
  • सलझंडी में दोनों देशों की सेनाएं हैं मौजूद

भारत और नेपाल न केवल पड़ोसी देश हैं बल्कि सुख-दुख के साथी भी हैं. दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरे विश्वास का अटूट रिश्ता है और इसकी बानगी है 'सूर्य किरण' संयुक्त सैन्य अभ्यास. नेपाल के सलझंडी में दोनों देशों की सेनाएं युद्धाभ्यास कर रही हैं. इस वॉर एक्सरसाइज में 'आतंकवाद विरोधी अभियान' के अलावा विपरीत हालातों में दुश्मन के खिलाफ ऑपरेशन चलाने का भी अभ्यास किया जा रहा है

नेपाल के दुर्गम और घने जंगल जहां पलक झपकते ही हालात बदल जाते हैं. देखने में हरी-भरी, निर्जन और शांत नजर आ रही इन झाड़ियों के पीछ से खतरा कभी भी दस्तक दे सकता है. हालात कैसे भी हों, वक्त कोई भी हो लेकिन हिंदुस्तान के सूरमा हर चुनौती से निपटने के लिए मुस्तैद रहते हैं. पहाड़ चोटियों से लेकर गहरे समंदर तक सुनसान रेगिस्तान से लेकर बियाबान जंगलों तक भारतीय सेना की तैयारी बेजोड़ रहती है. वक्त के साथ बदली चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना, नेपाल आर्मी के साथ संयुक्त सैन्याभ्यास में जुटी है.

भारत और नेपाल कर रहे हैं युद्धाभ्यास 
दरअसल, 18वां 'सूर्य किरण युद्धाभ्यास' किया जा रहा है. ये नेपाल की सलझंडी में हो रहा है. यहां के जंगलों में भारत और नेपाल सेना के जवान अपना रण कौशल दिखा रहे हैं. संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व 11वीं गोरखा राइफल्स कर रही. जबकि, नेपाल सेना की टुकड़ी का नेतृत्व 'श्रीजंग बटालियन' के हाथ है. दोनों देशों के बीच ये सैन्य अभ्यास 13 जनवरी तक चलेगा. 

इसकी शुरुआत बीते साल 31 दिसंबर 2024 को हुई थी. भारत-नेपाल की सेनाओं के बीच ये संयुक्त सैन्य अभ्यास हर साल होता है. जिसकी मेजबानी दोनों देश बारी-बारी से करते हैं. साल 2011 से शुरू हुआ संयुक्त सैन्य अभ्यास का सिलसिला बदस्तूर जारी है.

सेनाओं को मजबूत करता है 
सूर्यकिरण युद्धाभ्यास भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच मजबूत साझेदारी को दर्शाता है. आतंकवाद, युद्ध और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों सेनाएं अपने तालमेल को मजबूत बना रही हैं. जंगल में दुश्मनों से मुकाबला करना, खुद के जीवन की रक्षा करते हुए दुश्मन पर घात लगाना और विपरीत हालातों में मेडिकल फैसिलिटी पहुंचाना इस युद्धाभ्यास का मकसद है. 

बता दें, भारत और नेपाल दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत है और दोनों देश मित्रता और विश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं. सूर्यकिरण जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास इस गर्मजोशी को और ज्यादा बढ़ा देते हैं. 

 

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