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NCR Railway: उत्तर मध्य रेलवे की तीन बड़ी उपलब्धियां! माल लदान, स्क्रैप निस्तारण और हरियाली में बनाया नया रिकॉर्ड

उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय साल 2026-27 की पहले 6 महीने में माल परिवहन, कबाड़ निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में तीन बड़ा अचीवमेंट पाया हैं. उत्तर मध्य रेलवे ने अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कुल 10.84 मिलियन टन माल का लदान किया. 

Achievements of NCR Railway
आनंद राज
  • प्रयागराज ,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:34 PM IST

उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय साल 2026-27 की पहले 6 महीने में माल परिवहन, कबाड़ निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में तीन बड़ा अचीवमेंट पाया हैं. एक ओर माल लदान में भारतीय रेलवे की औसत वृद्धि दर से लगभग दोगुनी रफ्तार दर्ज की गई है, तो दूसरी ओर महज छह महीने में सालाना स्क्रैप निस्तारण लक्ष्य पूरा कर लिया गया है. वहीं, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 1.11 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर हरित रेलवे की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया.

इतने मिलियन टन माल का लदान 
उत्तर मध्य रेलवे ने अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कुल 10.84 मिलियन टन माल का लदान किया. पिछले वित्तीय साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 10.03 मिलियन टन था. इस तरह माल लदान में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि भारतीय रेलवे की औसत वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत रही.

नए माल यातायात को आकर्षित करने के तहत महाराजा छत्रसाल स्टेशन, छतरपुर से डोलोमाइट के 28 रेक के जरिए 0.11 मिलियन टन और बेवरा स्टेशन से लौह अयस्क के 12 रेक के जरिए 0.05 मिलियन टन माल का लदान किया गया. इसके अलावा खाद्यान्न लदान में 51.7 प्रतिशत, बैलास्ट यानी गिट्टी में 19.6 प्रतिशत, कंटेनर लदान में 11.9 प्रतिशत, सीमेंट में 6.9 प्रतिशत और फ्लाई ऐश में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. यह प्रदर्शन माल परिवहन, वैगन रोटेशन और उपलब्ध रेल सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है.

छह महीने में पूरा किया 285 करोड़ रुपए का स्क्रैप निस्तारण लक्ष्य
‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में ही रेलवे बोर्ड का सालाना स्क्रैप निस्तारण लक्ष्य हासिल कर लिया. रेलवे बोर्ड ने 285 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया था, जबकि उत्तर मध्य रेलवे ने 286.79 करोड़ रुपए का स्क्रैप निस्तारण कर लक्ष्य को पार कर लिया. इससे अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण के जरिए रेलवे को राजस्व प्राप्त हुआ और रेल परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित तथा कबाड़ मुक्त बनाने में भी मदद मिली. यह पहल स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान करती है. इस उपलब्धि में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के दिशा-निर्देशन और प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक एस.पी. द्विवेदी के मार्गदर्शन एवं रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

एक पेड़ मां के नाम अभियान में पौधे लगाने का रिकॉर्ड
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 पौधे लगाने की उपलब्धि हासिल की है. महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सुबेदारगंज स्थित रेल गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से इस उपलब्धि के तहत पौधा लगाया. कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी लीची, तुलसी और आम के पौधे लगाए. रेलवे ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अपने अधिकार क्षेत्र में दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. अब तक प्रयागराज मंडल में 43.44 लाख, झांसी मंडल में 42.09 लाख और आगरा मंडल में 25.58 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं. इस अभियान के तहत 300 से अधिक रेलवे स्टेशनों और कॉलोनियों में पौधरोपण किया गया.

इसके लिए अनुपयोगी भूमि को चिह्नित करने, रेलवे ट्रैक के किनारे जमा कबाड़ हटाने और स्थानीय संगठनों व राज्य वन विभाग के सहयोग से हरित क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया गया है. उत्तर मध्य रेलवे की ये तीनों उपलब्धियां बताती हैं कि रेलवे माल परिवहन से आय बढ़ाने, अनुपयोगी संपत्तियों का प्रभावी उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में एक साथ काम कर रहा है. माल लदान में वृद्धि से कारोबार और राजस्व को बढ़ावा मिल रहा है, स्क्रैप निस्तारण से कबाड़ को उपयोगी आर्थिक संसाधन में बदला जा रहा है, जबकि बड़े पैमाने पर पौधरोपण से हरित एवं स्वच्छ रेल परिसरों के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है. महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व में उत्तर मध्य रेलवे का लक्ष्य माल परिवहन को और मजबूत करना, पूरे जोन को स्क्रैप मुक्त बनाना और दो करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल सुनिश्चित करना है. इस प्रकार उत्तर मध्य रेलवे आर्थिक विकास, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय के जरिए विकास की नई मिसाल पेश कर रहा है.


 

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