Top Weapon Exporting Countries: युद्ध के लिए कहां से आते हैं हथियार? जानें दुनिया के 5 सबसे बड़े हथियार बेचने वाले देश कौन हैं...

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक पांच देशों का वैश्विक हथियार निर्यात में 70% से ज्यादा हिस्सा है. अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. इसका वैश्विक हथियार निर्यात बाजार में लगभग 42% हिस्सा है.

World largest weapon manufacturing country
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम समझौते की खबरों के बाद पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति एक बार फिर चर्चा में है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर युद्ध के लिए हथियार कहां से आते हैं? अगर आप सोच रहे हैं कि युद्ध करने वाले देश अपने हथियार खुद बनाते हैं, तो हम आपको बता दें कि ये हथियार दूसरे देशों से निर्यात किए जाते हैं. ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े हथियार निर्यातक देशों की भूमिका और भी अहम हो जाती है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी SIPRI के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के सिर्फ पांच देश वैश्विक हथियार निर्यात का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा नियंत्रित करते हैं. आइए जानते हैं ये देश कौन हैं.

दुनिया के टॉप पांच हथियार निर्यातक
अमेरिका सबसे बड़ा निर्यातक

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक है. वैश्विक हथियार बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है. अमेरिका अपने सहयोगी देशों को आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल रक्षा प्रणाली, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और नौसैनिक उपकरणों की आपूर्ति करता है.

फ्रांस दूसरे स्थान पर
फ्रांस ने पिछले कुछ वर्षों में हथियार निर्यात में तेजी से बढ़त बनाई है. राफेल लड़ाकू विमान, पनडुब्बी, युद्धपोत और आधुनिक सैन्य तकनीक की बढ़ती मांग ने उसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना दिया है.

रूस अब भी मजबूत खिलाड़ी
रूस की वैश्विक हिस्सेदारी में कुछ गिरावट आई है. इसके बावजूद उसके लड़ाकू विमान, टैंक, मिसाइल और वायु रक्षा प्रणाली आज भी एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई देशों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं.

जर्मनी की खास पहचान
जर्मनी उन्नत पनडुब्बी, बख्तरबंद वाहन, सैन्य इंजन और भारी रक्षा उपकरण बनाने के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि वह दुनिया के प्रमुख हथियार निर्यातकों में शामिल है.

चीन तेजी से बढ़ा आगे
चीन ने सस्ते ड्रोन, मिसाइल सिस्टम, नौसैनिक जहाज और अन्य सैन्य उपकरणों के जरिए एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. इसी कारण वह इस सूची में पांचवें स्थान पर है.

इजरायल क्यों रखता है इन देशों पर नजर?
रूस को लेकर इजरायल की सबसे बड़ी चिंता यह है कि वह ईरान या सीरिया जैसे देशों को आधुनिक सैन्य प्रणाली उपलब्ध करा सकता है. इससे क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन प्रभावित हो सकता है. चीन की बढ़ती सैन्य तकनीक भी इजरायल के लिए चिंता का विषय है. इजरायल को आशंका रहती है कि चीन की तकनीक उसके विरोधी समूहों तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुंच सकती है. अमेरिका इजरायल का सबसे करीबी रक्षा सहयोगी है. इसलिए अमेरिका की रक्षा नीति, सैन्य बजट या हथियार आपूर्ति में होने वाला कोई भी बदलाव इजरायल की सुरक्षा रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है. फ्रांस और जर्मनी यूरोप के बड़े रक्षा निर्माता हैं. जर्मनी द्वारा दी गई आधुनिक पनडुब्बियां इजरायल की नौसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. वहीं फ्रांस भी सैन्य तकनीक के बड़े निर्यातकों में शामिल है. क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान यूरोप में हथियार निर्यात और रक्षा सहयोग को लेकर होने वाली बहस पर इजरायल लगातार नजर बनाए रखता है.

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