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Agnipath Scheme 2022 : दिसंबर में शुरू हो जाएगी 'अग्निवीरों' की ट्रेनिंग, जानें क्या होंगे इससे जुड़े नियम

कोरोना की वजह से सेना की भर्ती को दो साल से ज्यादा समय तक रोक दिया गया था. 2019-2020 में सेना ने जवानों की भर्ती की और उसके बाद से कोई एंट्री नहीं हुई. इसके बाद सरकार अब युवाओं के लिए अग्निपथ योजना लेकर आई है.

दिसंबर में शुरू हो जाएगी 'अग्निवीरों' की ट्रेनिंग
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2022,
  • अपडेटेड 2:40 PM IST
  • भर्तियों के लिए तय उम्र साढ़े 17 से 23 कर दी गई है
  • युवा प्रोफाइल को सक्षम करने के लिए इसे डिजाइन किया गया है

केंद्र सरकार ने अभी तक अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के शुरू होने की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है. हालांकि, भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा है कि अग्निवीरों ट्रेनिंग दिसंबर 2022 में शुरू कर दी जाएगी और सक्रिय सेवा 2023 के मध्य में शुरू होने की संभावना है. 

भारतीय सेना प्रमुख ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है. अगले दो दिनों के भीतर, ऑफिशियल वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. इसके बाद सेना भर्ती संगठन (Army Recruitment Organization)रजिस्ट्रेशन और रैली को लेकर एक डिटेल्ड प्रोग्राम की घोषणा करेंगे. 

कोरोना के कारण दो साल से रोकी गई थी सेना की भर्ती 

कोरोना की वजह से सेना की भर्ती को दो साल से ज्यादा समय तक रोक दिया गया था. 2019-2020 में सेना ने जवानों की भर्ती की और उसके बाद से कोई एंट्री नहीं हुई. दूसरी ओर, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना दोनों ने पिछले दो सालों में भर्ती की थी. 

देश भर में चल रहा है 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ विरोध 

देश भर में सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना का हिंसक विरोध जारी है. बिहार, यूपी और बंगाल में सैकड़ों युवाओं ने रेल और सड़क यातायात को बाधित किया, जबकि पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और बक्सर में भी इसे लेकर हिंसक विरोध हुआ. साथ ही विपक्ष ने भी इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.  

'अग्निवीरों' से जुड़े जरूरी नियम 

  1. अग्निपथ योजना के माध्यम से भर्ती के लिए अग्निवीर की उम्र सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई है. 
  2. अग्निपथ योजना को सशस्त्र बलों के युवा प्रोफाइल को सक्षम करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह उन युवाओं को अवसर देगा, जो समाज से युवा प्रतिभाओं को आकर्षित कर वर्दी दान करने के इच्छुक होंगे. 
  3. आत्म-अनुशासन, परिश्रम और ध्यान की गहरी समझ के साथ अत्यधिक प्रेरित युवाओं को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे कुशल होंगे और अन्य क्षेत्रों में भी योगदान दे सकेंगे.

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